मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने स्वामित्व अधिकार योजना को मंजूरी दी

मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने स्वामित्व अधिकार योजना को मंजूरी दी

मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने स्वामित्व अधिकार योजना को मंजूरी दी
Modified Date: June 2, 2026 / 10:08 pm IST
Published Date: June 2, 2026 10:08 pm IST

भोपाल, दो जून (भाषा) मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने मंगलवार को स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026 की स्वीकृति दी।

इससे उन लोगों को, जिनके पास अपनी संपत्ति के लिए भूमि स्वामित्व दस्तावेज नहीं हैं, आधिकारिक रूप से पंजीकृत संपत्ति दस्तावेज प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी, जिससे वे अपनी भूमि को गिरवी रखकर बैंक ऋण प्राप्त कर सकेंगे।

एक अधकिारी ने बताय कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ‘स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीकरण योजना-2026’ को मंजूरी दी गई।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत, मंत्रिमंडल ने राज्य के भूस्वामियों को ऋण आसानी से उपलब्ध कराने के लिए स्वामित्व योजना के अंतर्गत बनाए गए अधिकार अभिलेखों को पंजीकृत करने का निर्णय लिया।

उन्होंने कहा कि इसके लिए हस्तांतरण विलेख का निष्पादन एवं पंजीयन किया जाएगा, ताकि नागरिक आवश्यकतानुसार गृह निर्माण, व्यवसाय एवं कृषि संक्रियाओं आदि के लिए ऋण प्राप्त कर अपनी आजीविका एवं आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकें।

अधिकारी ने बताया कि इस योजना के क्रियान्वयन के लिए विशेष अभियान के तहत कार्यवाही पूर्ण की जाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘अब तक कुल 68.11 लाख अधिकार अभिलेखों का निर्माण किया गया है। इसमें 48.32 लाख निजी संम्पत्तियां शामिल है। अधिकार अभिलेखों के पंजीयन के लिए नागरिकों से स्टाम्प ड्यूटी अथवा पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। संपूर्ण व्यय राशि 3800 करोड़ रुपये का वहन राज्य शासन करेगा।’’

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य होगा जहां ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों के भू-खण्ड संबंधी अधिकार सुरक्षित कर उनकी आर्थिक उन्नति के मार्ग को प्रशस्त किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि स्वामिव योजना में मध्यप्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रह रहे लोगों को उनका वैधानिक अधिकार प्रदान करने के लिए अधिकार अभिलेखों का निर्माण ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए किया गया है।

अधिकारी ने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने, प्रक्रिया निर्धारण, समय-समय पर समीक्षा के लिए आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि इस समिति में महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, आयुक्त कोष एवं लेखा, आयुक्त-संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा प्रबंध संचालक एमपीएसईडीसी, सदस्य होंगे एवं आवश्यकतानुसार विषय विशेषज्ञों को संयोजित किया जा सकेगा।

अधिकारी के मुताबिक योजना के प्रचार-प्रसार, मुद्रण व्यय एवं जन-जागरुकता गतिविधियों के संचालन के लिए राज्य स्तर पर 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि योजना का विस्तृत परिपत्र एवं समय-समय पर आवश्यकतानुसार स्पष्टीकरण आदि जारी करने के लिए राजस्व विभाग को अधिकृत किया गया है।

मंत्रिमंडल ने स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत लगभग 17,059 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दी।

मंत्रिमंडल ने एक अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पताल योजना के निरंतर संचालन के लिए 14,363.95 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।

इस योजना के तहत, राज्य सरकार आम जनता को मुफ्त, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने और राज्य में चिकित्सा मानव संसाधन विकसित करने के लिए 12 जिला मुख्यालयों में मेडिकल कॉलेज और संबद्ध अस्पतालों का संचालन करती है।

अधिकारी ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को मजबूत करने से संबंधित योजना के लिए 657 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

मंत्रिमंडल ने अनुपम खेर द्वारा निर्देशित हिंदी फीचर फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ और आशीष मल्ल द्वारा निर्देशित हिंदी फीचर फिल्म ‘शतक: 100 इयर्स ऑफ द यूनियन’ को मध्यप्रदेश में प्रदर्शित होने पर एसजीएसटी से छूट देने के राज्य सरकार के फैसले को भी मंजूरी दे दी।

अधिकारी ने कहा कि समिति ने 30 अप्रैल, 2026 को जबलपुर के बरगी बांध में क्रूज दुर्घटना में हुई जनहानि की न्यायिक जांच के लिए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग के गठन के संबंध में 10 मई, 2026 को जारी आदेश की भी पुष्टि की।

भाषा ब्रजेन्द्र राजकुमार

राजकुमार


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