मप्र: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था ‘चौपट’ करने का आरोप लगाया
मप्र: कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था ‘चौपट’ करने का आरोप लगाया
भोपाल, तीन अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार पर राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ‘‘चौपट’’ करने का आरोप लगाया और दावा किया कि इससे दलित, आदिवासी और कमजोर वर्ग के बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया में आई खबरों का हवाला देते हुए कहा, ‘‘पिछले साल पूरे देश में जितने सरकारी स्कूल बंद नहीं हुए, उससे अधिक स्कूल अकेले मध्यप्रदेश में या तो बंद कर दिए गए या दूसरे विद्यालयों में मिला दिए गए।’’
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में देशभर में 4,791 स्कूल या तो बंद किए गए या दूसरे विद्यालयों में मिला दिए गए, जिनमें आधे से अधिक यानी 2,426 स्कूल मध्यप्रदेश के हैं।
पटवारी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि विद्यालयों को बंद करने के मामले में देश के सभी राज्य मिलकर भी मध्यप्रदेश का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सरकार ने मध्यप्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को चौपट कर दिया है। यही कारण है कि राज्य में स्कूली बच्चों यानी जेन-अल्फा के सबसे अधिक प्रदर्शन हो रहे हैं।’’
पटवारी ने कहा कि यह स्थिति तब है जब पिछले तीन वर्षों में मध्यप्रदेश के शिक्षा बजट में 9,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में सरकारी विद्यालयों का बंद होना भाजपा सरकार की शिक्षा नीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पटवारी ने कहा कि सरकार स्कूल बंद करने के पीछे अक्सर यह तर्क देती है कि उनमें बच्चों की संख्या कम थी।
उन्होंने सवाल किया कि जब सरकार सरकारी विद्यालयों को पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं नहीं देगी, पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं करेगी और पढ़ाई के लिए उचित माहौल नहीं बनाएगी तो अभिभावक मजबूरी में अपने बच्चों को निजी विद्यालयों में भेजने के लिए विवश होंगे।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकारी विद्यालयों को लगातार कमजोर करना और फिर कम छात्र संख्या का हवाला देकर उन्हें बंद करना जान-बूझकर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को खत्म करने का ‘‘षड्यंत्र’’ है।
पटवारी ने कहा, ‘‘इसका सबसे अधिक नुकसान दलित, आदिवासी, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को उठाना पड़ेगा।’’
उन्होंने भाजपा सरकार से बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ तत्काल बंद करने, प्रदेश में सरकारी विद्यालयों की संख्या बढ़ाने, बंद और दूसरे स्कूलों में मिलाए गए विद्यालयों की समीक्षा करने तथा प्रत्येक स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की भर्ती करने की मांग की।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य सरकारी विद्यालयों को बंद करना नहीं, बल्कि उन्हें इतना बेहतर बनाना होना चाहिए कि बच्चे और अभिभावक निजी विद्यालयों के बजाय सरकारी विद्यालयों को प्राथमिकता दें।
राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने पिछले दिनों भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में आयोजित ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था बेहतर हो रही है।
उन्होंने कहा था कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पिछले तीन साल में प्रवेश दर लगातार बढ़ रही है और सरकार के प्रयासों से स्कूली बच्चों की पढ़ाई बीच में छोड़ने की दर शून्य हो गई है।
मंत्री ने कहा था, ‘‘विद्यालयों में शिक्षकों की कोई कमी नहीं है।विद्यालयों में 70 से 72 हजार अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं। राज्य सरकार करीब 18 हजार रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चे हमारे देश का भविष्य और प्रदेश की आशा हैं। हमारे बच्चे 2047 में विकसित भारत का नेतृत्व करेंगे।’’
भाषा ब्रजेन्द्र जितेंद्र
जितेंद्र

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