(तस्वीरों के साथ)
भोपाल, आठ जून (भाषा) पर्याप्त संख्या बल न होने के बावजूद मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यसभा चुनाव में तीसरी सीट पर उम्मीदवार खड़ा कर मुकाबले को रोचक बना दिया है और साथ ही इस संभावना को बल दे दिया है कि वह कांग्रेसी खेमे में सेंध लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीट पर होने वाले चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन के मुकाबले राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को मैदान में उतारा है। दोनों ने सोमवार को अपने नामांकन दाखिल किए।
इससे पहले, शनिवार को भाजपा प्रत्याशी तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। वर्तमान संख्या बल के हिसाब से दोनों की जीत सुनिश्चित मानी जा रही है। अगर कांग्रेस खेमे में कोई सेंधमारी नहीं होती है तो कांग्रेस का संख्या बल नटराजन के पक्ष में है।
हालांकि, भाजपा की ओर से केवट को मैदान में उतारे जाने से मुकाबला होना निश्चित है। देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा केवट को जिताने के लिए क्या रणनीति अपनाती है।
केवट ने नामांकन पत्र दाखिल किए जाने के मौके पर मौजूद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दावा किया कि केवट की जीत होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आशीर्वाद से महेश केवट को निषादराज की गौरवशाली परंपरा का सम्मान करने का अवसर मिल रहा है।
यादव ने कहा कि भाजपा राज्यसभा में माझी, मल्लाह, रायकवार और केवट समुदायों को प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है।
नटराजन ने इस मुकाबले को ‘गांधीवादी विचारधारा बनाम भाजपा की विभाजनकारी राजनीति की लड़ाई’ करार दिया।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि संख्या न होने के बावजूद तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा कर, भाजपा ने अपना चाल, चरित्र और चेहरे को उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा अक्सर ऐसे मौके पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का प्रयास करती है और लोकतंत्र को कमजोर करती है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन इस बार मध्यप्रदेश में उनकी यह चाल विफल होगी।’’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जीत का भरोसा जताते हुए आरोप लगाया कि संख्या बल की कमी के बावजूद तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारने के भाजपा के कदम ने महिलाओं का समर्थन करने और संसद में महिला आरक्षण विधेयक पेश करने के उसके लंबे दावों का पर्दाफाश कर दिया है।
पटवारी ने संवाददाताओं से कहा, ”हमारे उम्मीदवार की 500 प्रतिशत जीत होगी।’
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि उम्मीदवार उतारने का भाजपा का फैसला गांधी जी की विचारधारा और नाथूराम गोडसे के बीच की लड़ाई है।
वर्तमान में मध्यप्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में सदस्यों की संख्या 229 है। इनमें भाजपा के 164 और कांग्रेस के 64 विधायक हैं जबकि एक सीट भारत आदिवासी पार्टी के पास है। दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द हो चुकी है, जिस वजह से एक सीट रिक्त है।
श्योपुर जिले के विजयपुर से विधायक मुकेश मल्होत्रा के मतदान पर उच्च न्यायालय की रोक है।
सागर जिले की बीना सीट से विधायक निर्मला सप्रे की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के लिए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका लगाई गई है। ऐसे में यह संभावना है कि वह इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करें। सप्रे ने सोमवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात भी की है।
राज्यसभा की तीन सीट पर प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 58 वोटों की जरूरत है। इस हिसाब से दो सीट जीतने के लिए भाजपा को 116 वोट की जरूरत है। कुल 164 में से 116 वोट देने के बाद भाजपा के पास 48 वोट बचेंगे। तीसरी सीट जीतने के लिए उसे 58 वोट चाहिए यानी भाजपा को 10 अतिरिक्त वोट की जरूरत है। निर्मला सप्रे और भारत आदिवासी पार्टी के विधायक कमलेश डोडियार के मत भाजपा को मिले लें तो उसकी संख्या 50 तक पहुंच सकती है। इसके बावजूद जीत के लिए उसे कम से कम आठ और मतों की आवश्यकता होगी।
जानकारों का मानना है कि भाजपा इसकी पूर्ति कांग्रेस खेमे में सेंध लगाकर करने का प्रयास करेगी। इसी वजह से कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है।
सप्रे का रुख और मल्होत्रा के मतदान पर लगी रोक की वजह से कांग्रेस का प्रभावी आंकड़ा 62 पर सिमट सकता है। हालांकि, चुनाव जीतने के लिए कांग्रेस के पास आवश्यक संख्या से चार वोट अधिक है।
साल 2020 में भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 विधायकों को अपने खेमे में लाकर कमलनाथ के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार को गिरा दिया था।
मध्यप्रदेश की राज्यसभा की तीन सीट के लिए 18 जून को मतदान होगा। सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन है।
भाषा ब्रजेन्द्र राजकुमार
राजकुमार