इंदौर (मध्यप्रदेश), छह अगस्त (भाषा) इंदौर की जिला अदालत ने विशेष सशस्त्र बल (एसएएफ) के आरक्षक और उसकी पत्नी की हत्या के जुर्म में उनकी बेटी के प्रेमी को बृहस्पतिवार को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि दोहरे हत्याकांड के दौरान मुजरिम द्वारा घटनास्थल पर थूकी गई एक च्यूइंगम किसी भी चश्मदीद गवाह के अभाव में अभियोजन के लिए अहम वैज्ञानिक साक्ष्य साबित हुई।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार रघुवंशी ने धारदार हथियार से दंपति की हत्या के जुर्म में धनंजय यादव उर्फ डीजे (25) को भारतीय दंड विधान की धारा 302 (हत्या) के तहत दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अदालत ने मुजरिम पर अलग-अलग कानूनी प्रावधानों के तहत कुल 33,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन विभाग के उप संचालक राजेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि यादव पर एसएएफ आरक्षक ज्योतिप्रसाद शर्मा (45) और उनकी पत्नी नीलम शर्मा (43) की एरोड्रम थाना क्षेत्र में 17 दिसंबर 2020 को तड़के धारदार हथियार से हत्या करने का जुर्म साबित हुआ।
भदौरिया के मुताबिक, शर्मा दंपति यादव के साथ अपनी नाबालिग बेटी के प्रेम संबंधों के सख्त खिलाफ थे और इस कारण लड़की ने प्रेमी के साथ मिलकर माता-पिता को रास्ते से हटाने की साजिश रची और इसे अंजाम दिया।
भदौरिया ने कहा कि वारदात का कोई चश्मदीद गवाह नहीं था और पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच की।
उन्होंने बताया,‘‘घटनास्थल से पुलिस को चबाकर थूक दी गई एक च्यूइंगम मिली थी जिसे सुरक्षित रखा गया। च्यूइंगम से प्राप्त डीएनए नमूने का यादव के डीएनए नमूने से मिलान कराया गया। डीएनए रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि दोहरे हत्याकांड के समय मुजरिम घटनास्थल पर मौजूद था।’’
भदौरिया ने बताया कि जांच के दौरान मिले अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी एक श्रृंखला के रूप में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
इस मामले में अभियोजन विभाग की ओर से उप संचालक आरती भदौरिया ने पैरवी की।
भाषा हर्ष संतोष
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