भोपाल, 21 मई (भाषा) मॉडल से अभिनेत्री बनीं त्विषा शर्मा के कथित दहेज हत्या मामले में आरोपी सेवानिवृत्त जिला और सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह ने भोपाल न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर मृतका के परिजनों के मोबाइल जब्त कर उसकी फोरेंसिक जांच कराए जाने की मांग की है।
सिंह ने इसके साथ ही अदालत से यह आग्रह भी किया कि त्विषा की आत्महत्या से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक सीसीटीवी फुटेज की भी तकनीकी जांच कराई जाए ताकि शव को अस्पताल पहुंचाए जाने के समय को लेकर पैदा किए जा रहे विवाद पर सत्यता सामने आए।
उन्होंने अदालत से इन सब मामलों को विशेष जांच दल (एसआईटी) के संज्ञान में लाने की भी मांग की।
इस मामले में भोपाल की अदालत ने गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी जबकि उनके पुत्र और आरोपी समर्थ सिंह की याचिका खारिज कर दी थी।
गिरीबाला सिंह के वकील ने भोपाल न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष आवेदन दाखिल कर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता का हवाला देते हुए यह अनुरोध किए हैं।
आवेदन में उन्होंने कहा है कि जो वीडियो फुटेज जब्त हुआ है, उस सीसीटीवी कैमरे की सर्विसिंग नहीं होने की वजह से उसकी ‘टाइमिंग’’ दो से तीन घंटे विलम्ब दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि इसकी वजह से पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव को पहुंचाए जाने के समय को लेकर भ्रम पैदा हुआ।
गिरिबाला सिंह ने अपने आवेदन में कहा कि मृतका के परिजनों की ओर से सोशल मीडिया पर इस संबंध में अभियान चलाया गया है जो गलत है और फर्जी है।
उन्होंने त्विषा के परिजनों के मोबाइल जब्त करके और उसकी फोरेंसिक जांच कराए जाने की मांग की।
त्विषा की 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी थीं। त्विषा (33) के परिवार ने उसके ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। वहीं, सिंह परिवार का दावा है कि त्विषा नशीले पदार्थों की आदी थीं।
पुलिस ने समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
भाषा ब्रजेन्द्र गोला
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