MP Gehu Kharidi 2026: प्रदेश के किसानों की बल्ले-बल्ले! अब राज्य सरकार खरीदेगी इतने लाख मीट्रिक टन गेहूं, अन्नदाताओं को होगा लाभ

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MP Gehu Kharidi 2026: प्रदेश के किसानों की बल्ले-बल्ले! अब राज्य सरकार खरीदेगी इतने लाख मीट्रिक टन गेहूं, अन्नदाताओं को होगा लाभ

MP Gehu Kharidi 2026 | Photo Credit: IBC24

HIGHLIGHTS
  • गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 से बढ़कर 100 लाख मीट्रिक टन हुआ
  • बंपर पैदावार को देखते हुए केंद्र ने मंजूरी दी
  • किसानों को समर्थन मूल्य पर खरीदी की गारंटी

भोपाल: MP Gehu Kharidi 2026 मध्यप्रदेश के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मांग को केन्द्र सरकार ने अपनी मंजूरी दे दी है। जिसके बाद अब प्रदेश में समर्थन मूल्य पर इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की जाएगी। पहले मध्यप्रदेश में 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी का टारगेट रखा गया था, लेकिन प्रदेश में हुई गेहूं की बंपर पैदावार को देखते हुए सीएम डॉ मोहन यादव ने टारगेट बढ़ाने का आग्रह केन्द्र सरकार से किया था, जिसे केन्द्र सरकार ने सहमति देते हुए सीएम डॉ मोहन यादव की मांग पर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की सीमा बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दी है।

MP Gehu Kharidi 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से अनुरोध करने पर आज राज्य सरकार को अतिरिक्त 22 लाख मैट्रिक टन गेहूं उपार्जन की अनुमति प्राप्त हुई है। राज्य सरकार अब वर्ष 2026 में लगभग 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन करेगी। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उर्पाजन के लिए 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भारत सरकार के गेहूं उपार्जन के लक्ष्य में वृद्धि के लिए निरंतर सम्पर्क में थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री मोदी सहित सभी केंद्रीय मंत्रीगण का आभार माना।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के गेहूं उपार्जन का कार्य जारी है। इस वर्ष प्रदेश में गेहूं की फसल का बंपर उत्पादन हुआ है। पिछले वर्ष के मुकाबले राज्य के लिए गेहूं खरीदी का कोटा केंद्र सरकार द्वारा 3 लाख मीट्रिक टन बढ़ाया गया था, लेकिन इस वर्ष गेहूं उत्पादन लगभग दोगुना हुआ है। वैश्विक स्तर पर निर्यात को लेकर अनेक चुनौतियां हैं। उपार्जन के लिए जूट के बोरों की उपलब्धता का भी संकट सामने आ रहा है। पिछले साल के गेहूं के भंडारण के बाद भी राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ है। राज्य में किसान हितैषी सरकार है, हर स्थिति में हम उनकी मदद के लिए तत्पर हैं। बीते समय में भी सोयाबीन के उचित मूल्य दिलवाने के लिए किसानों को भावांतर की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। वर्तमान समय में भी किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। क्रमश: सभी किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा। अगर आवश्यकता हुई तो उपार्जन की तारीख भी बढ़ाई जा सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया के लिए मुख्यमंत्री निवास से जारी संदेश में यह जानकारी दी।

इन्हें भी पढ़े:-

इस साल मध्यप्रदेश में कितने मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाएगा?

इस साल समर्थन मूल्य पर 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाएगा।

पहले कितना लक्ष्य तय था?

पहले लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन था।

यह बढ़ोतरी क्यों की गई?

प्रदेश में गेहूं की बंपर पैदावार हुई है, इसलिए किसानों को राहत देने के लिए लक्ष्य बढ़ाया गया।