Latur Farmer Couple Video | Photo Credit: AI
मुंबई: Latur Farmer Couple Video खेती किसानी को देश की रीढ़ माना जाता है, लेकिन खेती शब्द बोलने में जितना आसान है उतना खेती करना मुश्किल है। फसल की बुआई से लेकर किसानों को हर तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जिन किसानों के पास ट्रैक्टर नहीं होता, वे जुताई के लिए बैलों पर निर्भर रहते हैं और बैल भी नहीं होता तो काम काफी प्रभावित होता है। ऐसा ही एक हृदय विदारक मामला महाराष्ट्र के लातूर जिले से सामने आया है, जहां एक किसान के पास जुताई के लिए बैल नहीं था तो बैल की जगह खुद उसकी पत्नी खेत की जुताई की। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। (Maharashtra Farmer Viral Video)
Latur Farmer News मिली जानकारी के अनुसार, मामला बांबली गांव (देवनी तहसील) का है। दरअसल, यहां रहने वाले किसान काशीनाथ गायकवाड़ के एक बैल की बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। जिसके बाद किसान की चुनौती बढ़ गई। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि वह दूसरा बैल खरीदने के लिए असमर्थ रहा। जिसके बाद भी वो हार नहीं माना और खेती का काम जारी रखने के लिए मजबूरी में अपनी पत्नी को हल के दूसरे छोर पर बांध कर खेत की जुताई की।
इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। (Farmer Struggle Video) यह घटना किसानों की आर्थिक परेशानियों और ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद कठिन परिस्थितियों को उजागर करती है। वायरल हो रहा इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि जिसमें हल के एक ओर बैल है और दूसरी छोर पर किसान की पत्नी। वीडियो देखने के बाद अब हर कोई भावुक हो गए हैं। इस घटना ने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और किसान परिवार की आर्थिक स्थिति तथा ग्रामीण इलाकों में किसानों की समस्याओं पर चर्चा शुरू हो गई।
हे राम..गरीबी की ऐसी मार की इंसान को मजबूरन पशु का किरदार निभाना पड़ रहा है..!
ये दर्दनाक..शर्मनाक तस्वीर महाराष्ट्र से वायरल
है.. दावा किया जा रहा है कि –बैल की आकाशीय बिजली से हुई मौत के बाद किसान के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वो बैल खरीद सके..मजबूरन उसे पत्नी को बेल की जगह… pic.twitter.com/RNYUhVhF7U
— Rahul Saini (@JtrahulSaini) June 10, 2026
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने घटना का संज्ञान लिया है। लातूर के कलेक्टर ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन यह भी पता लगा रहा है कि किसान परिवार को तत्काल किस प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।