ठाणे, 10 जून (भाषा) नवी मुंबई में दो महीने पहले जली हुई अवस्था में मिले एक महिला के शव के मामले को पुलिस ने सुलझाने का दावा करते हुए एक ईंट आपूर्तिकर्ता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शादी के लिए कथित दबाव से बचने के उद्देश्य से महिला की हत्या कर दी थी।
पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि 11 अप्रैल को नवी मुंबई के पनवेल क्षेत्र में चिंचवली-वाकडी गांव की सीमा के पास एक महिला का अत्यधिक क्षत-विक्षत और जला हुआ शव बरामद हुआ था। उस समय शव की पहचान नहीं हो सकी थी।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रश्मि नांदेडकर ने संवाददाताओं को बताया कि घटनास्थल से कोई पहचान पत्र या तत्काल सुराग नहीं मिला था। इसके बाद पुलिस ने शव पर मिले आभूषणों का विवरण अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के माध्यम से देशभर में प्रसारित किया और व्यापक स्तर पर सीसीटीवी फुटेज तथा तकनीकी साक्ष्यों की जांच की।
मामले में सफलता तब मिली जब एक पुलिस कांस्टेबल ने ठाणे जिले के शील-डायघर पुलिस थाने में दर्ज एक गुमशुदगी रिपोर्ट का मिलान जांच से जुड़े तथ्यों के साथ किया।
नांदेडकर ने कहा, ‘‘शव पर मिले छल्ले, नथ, कान के आभूषण और शारीरिक बनावट का मिलान 30 वर्षीय लापता महिला अनितादेवी भगवान राजभर के आभूषणों से हुआ।’’
उन्होंने बताया कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच में पता चला कि राजभर लगातार शीलफाटा के फडकेपाड़ा निवासी ईंट आपूर्तिकर्ता करण नामदेव पाटिल के संपर्क में थीं।
डीसीपी ने कहा, ‘‘प्रारंभिक समन की अनदेखी करने पर पाटिल पर संदेह और गहरा हो गया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने अपराध स्वीकार कर लिया।’’
पुलिस के अनुसार, राजभर पाटिल पर शादी करने का दबाव बना रही थीं। इससे छुटकारा पाने के लिए आरोपी ने कथित तौर पर छह अप्रैल को महिला को अपनी कार में बैठाया और एक सुनसान स्थान पर ले जाकर लोहे की छड़ से हमला कर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद वह शव को नवी मुंबई के पनवेल तालुका स्थित चिंचवली क्षेत्र में ले गया। पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने अपनी कार से पेट्रोल निकालकर शव पर छिड़का और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसे आग लगा दी।
पुलिस ने बताया कि पाटिल को आठ जून को गिरफ्तार किया गया। अदालत ने उसे 12 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य नष्ट करने समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
भाषा मनीषा
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