भोपालः एमपी की सबसे हॉट कही जाने वाली विधानसभा सीट दतिया एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। यहाँ से कांग्रेस MLA राजेन्द्र भारती को एक पुराने आर्थिक अपराध के मामले में 3 साल की सजा का ऐलान इसकी वज़ह है। यदि इस सजा पर रोक नहीं लगी तो जनप्रतिनिधि कानून के तहत उनकी विधायकी शून्य घोषित होगी और यहाँ दोबारा चुनाव होंगे। इससे भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा से राजनीतिक और व्यक्तिगत अदावत रखने वाले भारती की केवल मुश्किलें ही नहीं बढेंगी, बल्कि कांग्रेस की सियासत भी 360 डिग्री घूम सकती है। वज़ह है अगले महीने संभावित राज्यसभा चुनाव जिसके लिए संख्या बल के आधार पर कांग्रेस अभी भले ही सुरक्षित दिख रही हो, लेकिन कांग्रेस जानती है कि ये सुरक्षा टिकाऊ नहीं है। इसीलिए कांग्रेस आरोप लगा रही है कि उसके साथ षड्यंत्र हो रहा है।
इधर भाजपा, कांग्रेस के लगातार गिरते विकेट देखकर गदगद है यानी पहले अमरवाड़ा में कमलेश शाह, फिर विजयपुर में मुकेश मल्होत्रा, बीना से निर्मला सप्रे और अब दतिया में राजेंद्र भारती के हाल देखकर बीजेपी में खुशी की लहर है, लेकिन इन सारे मामलों में बीजेपी की प्रत्यक्ष कोई भूमिका नहीं है, लिहाज़ा बीजेपी कांग्रेस के आरोपों पर “कॉलर ऊँची करके” जवाब दे रही है। भाजपा कह रही है कि कांग्रेसी अपराध करें, कोर्ट सजा सुनाए,विधायक अयोग्य हो तो बीजेपी पर आरोप लगाएंगे?
कुल मिलाकर इतना तो तय है कि राज्यसभा की 1 सीट पर्याप्त संख्या के बावजूद भी कांग्रेस के लिए चुनौतियों का पहाड़ है। सवाल ये है कि क्या आने वाले दिनों में कुछ और कांग्रेसी विधायकों के पुराने मामलों पर संकट आ सकता है? सवाल ये भी कि क्या एमपी राज्यसभा चुनाव में भी हरियाणा और उड़ीसा की तरह क्रॉस वोटिंग होगी। सबसे बड़ा सवाल ये भी कि यदि-दतिया सीट खाली हुई तो क्या नरोत्तम वहां से चुनाव लड़ेंगे या फिर इसी तीसरी सीट के सहारे राज्यसभा पहुंचेंगे।