मप्र : हरित बॉन्ड से बना सौर ऊर्जा संयंत्र, हर साल 1.46 लाख टन कार्बन उत्सर्जन घटने का अनुमान

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मप्र : हरित बॉन्ड से बना सौर ऊर्जा संयंत्र, हर साल 1.46 लाख टन कार्बन उत्सर्जन घटने का अनुमान

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  • Publish Date - April 28, 2026 / 03:30 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 03:30 PM IST

इंदौर (मध्यप्रदेश), 28 अप्रैल (भाषा) इंदौर नगर निगम (आईएमसी) का 308 करोड़ रुपये की लागत वाला सौर ऊर्जा संयंत्र बनकर उद्घाटन के लिए तैयार है और 60 मेगावॉट क्षमता की इस नवीकरणीय ऊर्जा इकाई के जरिये हर साल करीब 1.46 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होने का अनुमान है। आईएमसी के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि खरगोन जिले में करीब 211 एकड़ में फैली इस परियोजना की औपचारिक शुरुआत सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार को करेंगे। परियोजना के लिए मुख्य रूप से बंजर भूमि का उपयोग किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 दिसंबर 2023 को इस सौर ऊर्जा संयंत्र की नींव रखी थी।

अधिकारियों के मुताबिक संयंत्र की 308 करोड़ रुपये की लागत में शामिल 244 करोड़ रुपये की रकम आईएमसी ने सार्वजनिक निर्गम (पब्लिक इश्यू) के रूप में जारी हरित बॉन्ड के जरिये जुटाई है और यह इस तरह के वित्तपोषण से बनी देश की पहली नवीकरणीय ऊर्जा इकाई है।

अधिकारियों ने बताया कि नर्मदा नदी के पानी को खरगोन जिले के जलूद से 80 किलोमीटर दूर इंदौर लाकर घर-घर पहुंचाने के लिए आईएमसी को हर महीने करीब 25 करोड़ रुपये का बिजली बिल भरना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा संयंत्र के कारण आईएमसी के बिजली बिल में हर महीने करीब पांच करोड़ रुपये की कटौती होगी।

अधिकारियों के मुताबिक संयंत्र के संचालन से प्रतिवर्ष करीब 1.46 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन रोका जा सकेगा और इसके संचालन के दौरान कोई प्रत्यक्ष उत्सर्जन नहीं होगा।

अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना भारत के वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित विद्युत क्षमता और वर्ष 2070 तक ‘नेट जीरो’ उत्सर्जन के लक्ष्यों के अनुरूप है और इसके जरिये आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं के लिए कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता घटाने में भी मदद मिलेगी।

अधिकारियों के अनुसार सौर ऊर्जा संयंत्र से हर साल लगभग 9.60 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है।

उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा उत्पादन की अनुमानित लागत करीब 3.50 रुपये प्रति यूनिट होगी, जबकि ग्रिड से मिलने वाली बिजली की दर छह रुपये से नौ रुपये प्रति यूनिट तक है।

अधिकारियों ने कहा कि संयंत्र के संचालन से हासिल होने वाले कार्बन क्रेडिट के जरिये आईएमसी को अतिरिक्त आय होने की संभावना है।

भाषा हर्ष मनीषा शफीक

शफीक