मप्र: जबलपुर में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प, 49 लोग पुलिस हिरासत में

Ads

मप्र: जबलपुर में दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प, 49 लोग पुलिस हिरासत में

  •  
  • Publish Date - February 20, 2026 / 04:59 PM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 04:59 PM IST

जबलपुर, 20 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश की ‘संस्कारधानी’ कहे जाने वाले जबलपुर जिले के सिहोरा में एक ही समय पर आरती और नमाज को लेकर उपजे विवाद ने सांप्रदायिक तनाव का रूप ले लिया, जिसके बाद दो समुदायों के सदस्यों के बीच झड़प, पथराव और तोड़फोड़ के कारण तनाव फैल गया। पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि अब तक इस मामले में कोई जनहानि नहीं हुई है हालांकि 49 लोगों को हिरासत में लिया गया है, इलाके में शांति बहाल करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

पुलिस के मुताबिक, यह घटना सिहोरा तहसील के आजाद चौक के पास बृहस्पतिवार रात दस बजे के करीब हुई, जहां एक मस्जिद और दुर्गा मंदिर आमने-सामने स्थित हैं।

दक्षिणपंथी संगठनों का आरोप है कि मंदिर में बृहस्पतिवार रात आरती के दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने मंदिर परिसर के लोहे का दरवाजा तोड़ दिया और पथराव व तोडफोड की घटना को अंजाम दिया, जिसके बाद दोनों पक्ष में हिंसक टकराव हो गया।

जिलाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ से फोन पर बातचीत में मंदिर पर किसी प्रकार के पथराव के आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि मंदिर को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।

उन्होंने बताया कि पथराव दो समूहों के बीच हुआ हालांकि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और अभी इलाके में निषेधाज्ञा लागू नहीं की जाएगी।

सिंह ने हिंसा के कारणों के बारे में पूछे जाने पर बताया कि इसकी शुरुआत दो समूहों के बीच पथराव से हुई।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा को बताया कि अब तक 49 लोगों को हिरासत में लिया गया है और हिंसा में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।

उन्होंने बताया कि हिंसा में शामिल शेष लोगों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अधिकारी ने बताया, ‘‘हम राजस्व संबंधी मामलों को क्षेत्र के उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को सौंप रहे हैं और आपराधिक मामले में हम कार्रवाई कर रहे हैं। अपराध के संबंध में हमने अब तक 49 गिरफ्तारियां की हैं।’’

शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार की घटना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों के समूह ने पुलिस को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने मंदिर में तोड़फोड़ का आरोप लगाया और दावा किया कि एक अन्य पूजा स्थल के पास भारी संख्या में पत्थर व हथियार रखे गए थे, जिनसे लोगों को निशाना बनाया गया।

झड़प के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने बताया कि घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने शुरू में हल्का बल प्रयोग किया लेकिन बाद में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आठ से दस आंसू गैस के गोले भी दागे।

पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के लिए बाद में घटनास्थल का दौरा किया।

बृहस्पतिवार की इस घटना को लेकर दक्षिणपंथी संगठनों ने शुक्रवार को सिहोरा में प्रदर्शन किया और पुलिस से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

इस कारण, घटनास्थल के आसपास की अधिकांश दुकानें बंद रही।

बजरंग दल के जिला संयोजक कान्हा पांडेय ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा से बातचीत में दावा किया कि सिहोरा के इतिहास में पहली बार इस प्रकार की पथराव की घटना हुई और दूसरे धर्म के लोगों ने अपने प्रार्थना स्थलों से पत्थर फेंके।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया और एक धर्म विशेष के लोगों को निशाना बनाया गया। पांडेय ने दावा किया इस घटना में शामिल लोग तो महज ‘मोहरा’ हैं, असली ‘सरगना’ तो कोई और है।

उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि शहर के बाहर से लोगों को बुलाकर सिहोरा की शांति को भंग करने का प्रयास हुआ है।

शबरीन नाम की एक महिला ने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा से बातचीत में कहा, ‘‘तरावीह हो रही थी और उसी समय आरती हो रही थी। इसी चक्कर में ये लड़ाई हुई।’’

तरावीह रमजान की रातों में ईशा की नमाज के बाद पढ़ी जाने वाली सुन्नत-ए-मौअक्कदा नमाज है।

फिलहाल, रमजान का महीना जारी है और शुक्रवार को रमजान के जुमे की पहली नमाज थी।

शबरीन ने बताया, “मुस्लिम समुदाय के लोगों ने गुजारिश की थी कि जब तरावीह हो तो आरती न की जाए लेकिन मामला बिगड़ गया। पथराव हुआ और मेरे घर तक पत्थर आए है। अभी तो माहौल शांत है।’’

पुलिस अधीक्षक उपाध्याय ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।

उन्होंने बताया कि पुलिस अनावश्यक रूप से लोगों को क्षेत्र में रुकने, एकत्रित होने नहीं दे रही है और ड्रोन के माध्यम से लोगों की छतों की निगरानी भी की जा रही है।

अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और साथ ही दोनों समुदायों के प्रबुद्ध जनों से संवाद कर सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

भाषा सं ब्रजेन्द्र जितेंद्र

जितेंद्र