Mohan Cabinet Decision: इन कर्मचारियों का अब होगा महिला बाल विकास में संविलियन, कैबिनेट ने इस बोर्ड को किया भंग, किसानों को भी मिला ये तोहफा
इन कर्मचारियों को अब होगा महिला बाल विकास में संविलियन, कैबिनेट ने इस बोर्ड को किया भंग, Mohan Cabinet Decision Latest News
- समाज कल्याण बोर्ड भंग, कर्मचारियों का महिला-बाल विकास में संविलियन
- दो उदवहन सिंचाई परियोजनाएं मंजूर, 23,500 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित
- सरदार सरोवर के 25,602 विस्थापित परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री, 600 करोड़ खर्च
भोपालः Mohan Cabinet Decision मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी है। कैबिनेट ने राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करके कर्मचारियों का संविलियन महिला बाल विकास में करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके साथ ही दो महत्वपूर्ण उदवहन सिंचाई परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी है।
इन सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी (Mohan Cabinet News)
Mohan Cabinet Decision कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में दो महत्वपूर्ण उदवहन सिंचाई परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई। बाणसागर परियोजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश अभी केवल 60 से 65 प्रतिशत जल उपयोग कर पा रहा है, जबकि 250 एमसीएम पानी का उपयोग बाकी है। इसी उपयोग को बढ़ाने के लिए इन परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जाएगा। पहली परियोजना धनवाही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना है, जिसकी लागत 53.73 करोड़ रुपये है। इससे 3,500 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी और 2,810 किसानों को लाभ मिलेगा। दूसरी परियोजना बरही सूक्ष्म उदवहन सिंचाई परियोजना है, जो कटनी जिले की बरही और विजयराघवगढ़ तहसील में लागू होगी। इस परियोजना पर 566.92 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे 20 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 11,500 किसानों को सीधा फायदा मिलेगा। दोनों ही परियोजनाओं में जमीन अधिग्रहण नहीं होगा और लिफ्ट प्रेशर पाइप के जरिए पानी पहुंचाया जाएगा।
पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण ( MP Govt ke Faisle)
बैठक में बताया गया कि महाकाल लोक की तर्ज पर पशुपतिनाथ लोक का निर्माण किया गया है। 29 जनवरी को मुख्यमंत्री ने इसका लोकार्पण किया। यह भी बताया गया कि प्रदेश सरकार ने भावांतर योजना का भुगतान 2 माह के अंदर किया। मप्र देश का पहला राज्य है, जिसने भावांतर योजना का पूर्णत: लागू किया। सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापित 25,602 आदिवासी परिवारों को दिए गए आवासीय भूखंड की रजिस्ट्री अब सरकार कराएगी। इसके लिए इन परिवारों को कोई शुल्क नहीं देना पड़ेगा। इस पर सरकार 600 करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसमें 8 विधानसभा क्षेत्र और चार जिलों के विस्थापित शामिल हैं।
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