मप्र में पिछले एक महीने में 2,783 से अधिक लोगों को बचाया गया: मोहन यादव
मप्र में पिछले एक महीने में 2,783 से अधिक लोगों को बचाया गया: मोहन यादव
भोपाल, पांच सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शनिवार को राजधानी भोपाल स्थित राज्य आपदा प्रबंधन कक्ष में राज्य के विभिन्न जिलों में अतिवृष्टि एवं बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और कहा कि पिछले एक महीने में आपदा प्रबंधन दलों की मदद से बाढ़ प्रभावित इलाकों में 2,783 से अधिक लोगों को बचाया गया है।
मुख्यमंत्री यादव ने इस अवसर पर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से चर्चा की और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता एवं व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यादव ने बाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश में कमोवेश पूरे क्षेत्र में बारिश का दौर बना हुआ है और पश्चिम मध्यप्रदेश को छोड़कर अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। उन्होंने कहा, ‘इसके मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ विभिन्न स्थानों पर तैनात हैं।’
उन्होंने कहा, ‘बीते एक माह में आपदा प्रबंधन दलों की मदद से 2,783 से अधिक लोगों को सफलतापूर्वक बचाया गया है।’
ज्ञात हो कि पूर्वी मध्यप्रदेश के सतना, श्योपुर, पन्ना, मुरैना, भिंड, गुना और ग्वालियर सहित करीब 20 जिलों में अतिवृष्टि हुई है और इनमें से कुछ में बाढ़ की स्थिति भी बनी। मौजूदा हालातों के मद्देनजर प्रभावित जिलों में विद्यालयों की छुट्टियां घोषित की गई हैं।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि फिलहाल अगले दो-चार दिनों में किसी बड़ी चुनौती की स्थिति नहीं है, लेकिन अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से सुनिश्चित की गई हैं।
उन्होंने कहा, ‘इसी का परिणाम है कि अब तक जान-माल की कोई विशेष हानि नहीं हुई है। पुलिस बल ने भी पूरी दक्षता और मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। आगामी दिनों में बारिश के संभावित प्रभाव को देखते हुए हम लगातार सतर्क हैं और व्यवस्थाओं पर नजर बनाए हुए हैं।’
मुख्यमंत्री ने राहत और बचाव अभियान और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात दलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करें तथा आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत एवं बचाव पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि साथ ही प्रदेशवासियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भाषा ब्रजेन्द्र नेत्रपाल अमित
अमित

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