MP BJP Politics News/Image Credit: IBC24.in
MP BJP Politics News: भोपाल: दतिया उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद एमपी का सियासी पारा कुछ यूं चढ़ा है कि उतरने का नाम ही नहीं ले रहा है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों में संगठनात्मक नकेल, पॉवर प्रेजेंटेशन और ताबड़तोड़ एक्शन का सिलसिला जारी है। हार के बाद बीजेपी ने समीक्षा करते हुए दतिया में नरोत्तम के पक्ष में चुनाव से पहले बवाल करने वाली जिला इकाई को भंग कर दिया। यानी बीजेपी संगठन से दो टूक कहा कि- जो संगठन का नहीं, वो हमारे किसी काम का नहीं। इधर मौके की नजाकत को नरोत्तम मिश्रा भांप गए। लिहाज़ा समझदार राजनेता की तरह वे ख़ुद उन आशुतोष तिवारी से मिलने पहुँचे, लंबी चौड़ी पोस्ट लिखी, जो आशुतोष दतिया हार के बाद से ही संकेतों में नरोत्तम को आड़े हाथों ले रहे हैं। सो, अब भाजपा एक तरफ़ संगठन की लक्ष्मण रेखा लांघने वालों पर कार्रवाई करने का दावा कर रही है। वहीं दूसरी तरफ़ नरोत्तम और आशुतोष की मुलाक़ात को संवाद से साल्यूशन के मॉडल की तरह पेश कर रही है।
इधर कांग्रेस में ख़ास तौर पर प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के लिए दतिया की जीत संजीवनी बनकर आई है। (MP BJP Politics News) कांग्रेस विजय जुलूस निकाल रही है। साथ ही कांग्रेस हाईकमान ने एमपी के पुराने मठाधीशों के दवाब में बने सभी मोर्चा, प्रकोष्ठों को भंग कर दिया है। यानी सन्देश साफ़ है कि अब जीतू पटवारी ही प्रदेश स्तर की सारी नियुक्तियाँ करेंगे।
MP BJP Politics News: लेकिन सवाल ये कि क्या दतिया उपचुनाव ने जीतू पटवारी के दोनों हाथों में लड्डू दे दिए हैं? सवाल ये भी कि- दतिया में बीजेपी की नई टीम बनने के बाद क्या नरोत्तम के पास समर्थकों का टोटा हो जाएगा? क्या नरोत्तम इसलिए ख़ुद आशुतोष से मिलने पहुंचे? सबसे बड़ा सवाल ये कि क्या भाजपा, दतिया को नरोत्तम मिश्रा की छाया से पूरी तरह से मुक्त कर देना चाहती है?
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