MP OBC Reservation Case: ओबीसी आरक्षण पर बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने फिर टाली अंतिम सुनवाई, अब इस दिन होगी फ़ायनल हियरिंग

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MP OBC Reservation Case: ओबीसी आरक्षण पर बड़ा झटका, हाई कोर्ट ने फिर टाली अंतिम सुनवाई, अब इस दिन होगी फ़ायनल हियरिंग

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  • Publish Date - May 14, 2026 / 06:34 PM IST,
    Updated On - May 14, 2026 / 06:34 PM IST

MP OBC Reservation Case/Image Credit: Social Media

HIGHLIGHTS
  • मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने OBC को 27% आरक्षण देने पर अंतिम सुनवाई 16 जून तक टाल दी
  • कोर्ट में सामान्य वर्ग और OBC पक्ष के वकीलों ने अपने-अपने तर्क रखे
  • OBC वर्ग के अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट परिसर के बाहर प्रदर्शन भी किया

MP OBC Reservation Case: मध्य प्रदेश में OBC आरक्षण पर फैसले की उम्मीद लगाए पक्षों को बड़ा झटका लगा है, जबलपुर हाई कोर्ट ने ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के मुद्दे पर अंतिम सुनवाई टाल दी है। कोर्ट ने समर वेकेशन के चलते ये फैसला लिया है। आज हाई कोर्ट ओबीसी आरक्षण बढाने के विरोधियों का पक्ष सुना। जिसके बाद HC ने अब 16 जून को अंतिम सुनवाई तय की है।

मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। इस केस में कुल 86 याचिकाएं लंबित हैं, जिन पर बहस जारी है। अब इस मामले में फ़ायनल हियरिंग 16 जून को होगी।

इंद्रा साहनी केस का हवाला

इससे पहले सुनवाई में सामान्य वर्ग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमन लेखी ने अदालत में कहा कि केवल जनसंख्या के आधार पर आरक्षण नहीं बढ़ाया जा सकता। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक इंद्रा साहनी मामले का हवाला देते हुए कहा कि आरक्षण की सीमा 50% से अधिक नहीं हो सकती।

ओबीसी पक्ष का आरोप

ओबीसी वर्ग के अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ने राज्य सरकार पर सुनवाई को टालने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सरकार इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है। इसी बीच ओबीसी वर्ग के होल्ड अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट परिसर के बाहर प्रदर्शन करते हुए महाधिवक्ता के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा। लेकिन बाद में महाधिवक्ता से प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात के बाद मामला शांत हो गया।

 

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MP में OBC आरक्षण मामले में क्या हुआ?

हाई कोर्ट ने 27% OBC आरक्षण मामले की अंतिम सुनवाई 16 जून तक टाल दी है।

सुनवाई टालने की वजह क्या बताई गई?

समर वेकेशन के चलते अदालत ने अगली तारीख तय की है।

सामान्य वर्ग की ओर से क्या तर्क दिया गया?

वरिष्ठ अधिवक्ता अमन लेखी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इंद्रा साहनी केस के अनुसार आरक्षण 50% से अधिक नहीं हो सकता।

OBC पक्ष ने क्या आरोप लगाए?

OBC पक्ष के अधिवक्ता ने राज्य सरकार पर सुनवाई में गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया।

अगली सुनवाई कब होगी?

अब इस मामले की अंतिम सुनवाई 16 जून को होगी।