strictness of administration did not show effect:इंदौर :मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के अस्पतालों पर प्रशासन की सख्ती का असर बेअसर नज़र आ रहा है। हाल ही में प्रशासन द्वारा लोगों की सुरक्षा को धयान में रखते हुए आदेश जारी किया था। जिसके अनुसार शहर के 350 अस्पताल व नर्सिंग होम में फायर एनओसी के रजिस्टर्ड अनिवार्य किया गया था। लेकिन 350 अस्पताल व नर्सिंग होम में सिर्फ 80 अस्पतालों ने फायर एनओसी ली है,जबकि तीन-तीन बार नोटिस जारी करने के बाद भी अस्पतालों ने एनओसी नहीं ली है। चिंता की बात ये है कि केवल आठ दिन ही शेष बचे हुए है।
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strictness of administration did not show effect; दरअसल जबलपुर के अस्पताल में हुई अग्निकांड की घटना के बाद एक बार फिर सरकार ने फायर एनओसी के लिए सख्ती की है। इंदौर कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पतालों के खिलाफ जांच करने के लिए गठित समिति में स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और दमकल विभाग के अधिकारी को सदस्य बनाया है। वही इस बारे में जानकारी देते हुए सीएमएचओ ने बताया कि सभी अस्पतालों का औचक निरीक्षण करेगी और अस्पतालों में विभिन्न तरह की सुविधाओं के साथ-साथ एनओसी पाने के लिए तय किए गए मानकों का परीक्षण होगा। यदि कोई भी कमी पाई गई तो,सख्त कार्रवाई की तैयारी की गई है। हालांकि तीन-तीन नोटिस जारी करने के बावजूद भी शहर में रजिस्टर्ड 350 अस्पतालों में से सिर्फ अभी तक 70 से 80 अस्पतालों ने ही फायर एनओसी ली है,लेकिन अब जिन्होंने एनओसी नहीं ली, उनके खिलाफ प्रशासन सख्ती करवाई करेगी।
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