नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने के खिलाफ भोपाल में एनएसयूआई का विरोध, पुतले जलाए
नीट-यूजी परीक्षा रद्द होने के खिलाफ भोपाल में एनएसयूआई का विरोध, पुतले जलाए
भोपाल, 12 मई (भाषा) कांग्रेस की छात्र इकाई भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने नीट-यूजी परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में मंगलवार को यहां प्रदर्शन किया जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने हिस्सा लिया।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अध्यक्ष प्रदीप जोशी के पुतले फूंके।
नीट (यूजी) 2026 परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी, लेकिन प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बीच मंगलवार को इसे रद्द कर दिया गया। केंद्र सरकार द्वारा मामले की व्यापक जांच के निर्देश दिए जाने के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने प्राथमिकी दर्ज की है।
चिकित्सा महाविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली इस परीक्षा को संचालित करने वाली एनटीए ने कहा है कि नयी परीक्षा तिथि की घोषणा अगले सात से 10 दिन में की जाएगी।
परीक्षा रद्द होने के बाद देशभर में मेडिकल अभ्यर्थियों में आक्रोश है। विद्यार्थियों ने एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए परीक्षा का संचालन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली से कराए जाने की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान प्रतिभागियों ने कहा कि हर वर्ष देशभर से करीब 30 लाख छात्र-छात्राएं नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा रद्द होने से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा, ‘‘हर साल की तरह इस वर्ष भी चिकित्सा क्षेत्र की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा नीट का प्रश्नपत्र लीक हुआ है, जिससे 30 लाख से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रश्नपत्र लीक के कारण विद्यार्थियों को हर साल भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आज हमने राज्य की राजधानी के कोचिंग केंद्रों के प्रमुख क्षेत्र महाराणा प्रताप नगर में एनटीए अध्यक्ष का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया।’’
परमार ने मांग की कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक समिति गठित की जाए और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
एनएसयूआई की भोपाल जिला इकाई के अध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि संपन्न लोगों के बच्चों को अच्छे अंक दिलाने के लिए शिक्षा माफिया हर साल नीट का प्रश्नपत्र लीक कराता है और बाद में परीक्षा रद्द कर दी जाती है।
उन्होंने कहा, ‘‘गरीब परिवारों के बच्चे पूरे वर्ष मेहनत और लगन से नीट की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा केंद्र पहुंचने पर उन्हें पता चलता है कि परीक्षा रद्द हो गई है। इससे उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है और कई छात्र अवसाद का शिकार हो जाते हैं।’’
भाषा दिमो खारी
खारी

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