पश्चिमी मध्यप्रदेश में छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या 82,000 के पार, क्षमता 500 मेगावॉट हुई

पश्चिमी मध्यप्रदेश में छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या 82,000 के पार, क्षमता 500 मेगावॉट हुई

पश्चिमी मध्यप्रदेश में छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या 82,000 के पार, क्षमता 500 मेगावॉट हुई
Modified Date: August 10, 2026 / 04:55 pm IST
Published Date: August 10, 2026 4:55 pm IST

इंदौर, 10 अगस्त (भाषा) पश्चिमी मध्यप्रदेश में इमारतों की छतों और अन्य स्थानों पर लगे सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या बढ़कर 82,250 हो गई है और इनकी कुल स्थापित क्षमता लगभग 500 मेगावॉट पर पहुंच गई है।

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक प्रवक्ता ने सोमवार को यह जानकारी दी।

प्रवक्ता ने बताया कि घरों के अलावा सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, कारखानों, अस्पतालों और शहरी निकायों के अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों में भी सौर ऊर्जा संयंत्र लगाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि पश्चिमी मध्यप्रदेश के 82,250 सौर ऊर्जा संयंत्रों में से करीब 65,000 संयंत्र प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत स्थापित किए गए हैं और योजना के तहत उपभोक्ताओं को 450 करोड़ रुपये से ज्यादा का अनुदान प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से वितरित किया जा चुका है।

प्रवक्ता के अनुसार छतों से सौर ऊर्जा उत्पादन के मामले में इंदौर का शहरी क्षेत्र करीब 33 हजार स्थानों (सौर ऊर्जा संयंत्रों) के साथ पश्चिमी मध्यप्रदेश में अव्वल है।

उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में उज्जैन जिला करीब 7,500 स्थानों के साथ दूसरे, रतलाम जिला 6,800 स्थानों के साथ तीसरे, देवास जिला 4,900 स्थानों के साथ चौथे और मंदसौर जिला करीब 4,500 स्थानों के साथ पांचवें स्थान पर हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि इंदौर और इसके आस-पास के औद्योगिक क्षेत्रों में करीब 100 कारखाने ऐसे हैं जहां सौर ऊर्जा संयंत्रों के उपयोग से हर इकाई को मासिक बिजली बिल में 10 से 20 लाख रुपये तक की बचत हो रही है।

मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध निदेशक अनूप कुमार सिंह ने बताया,‘‘राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने वाले उपभोक्ताओं को पंजीयन शुल्क, मीटर परीक्षण शुल्क और अनुबंध के लिए स्टांप शुल्क से छूट दी है। इससे उन्हें अतिरिक्त आर्थिक राहत मिल रही है।’’

कंपनी के प्रवक्ता ने बताया कि सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए अगले छह महीने के दौरान पश्चिमी मध्यप्रदेश में इनकी कुल स्थापित क्षमता 500 मेगावॉट से बढ़कर 1,000 मेगावॉट तक पहुंच सकती है।

भाषा हर्ष

राजकुमार

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