यूसीसी पर मोहन यादव बोले,‘‘यदि रामचंद्र एक विवाह करता है, तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा’’

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यूसीसी पर मोहन यादव बोले,‘‘यदि रामचंद्र एक विवाह करता है, तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा’’

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 05:52 PM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 05:52 PM IST

इंदौर, 15 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि उनकी सरकार विधानसभा के 20 जुलाई से शुरू होने वाले मॉनसून सत्र में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का विधेयक लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि देश में अलग-अलग धर्मों के लोगों के लिए अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए और ‘अगर रामचंद्र नामक कोई व्यक्ति एक शादी करता है, तो रहीम नाम के किसी शख्स से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है।’’

यादव, इंदौर के जिला चिकित्सालय के 300 बिस्तरों वाले नये भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस भवन के निर्माण में 83.13 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने प्रदेश भर में यूसीसी पर सभी धर्मों, सभी वर्गों और विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों से संवाद किया तथा 10 लाख से अधिक नागरिकों के सुझाव एकत्र किए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिलहाल विवाह और उत्तराधिकार जैसे मामलों में हिंदुओं और मुस्लिमों के लिए कानून-कायदे अलग-अलग हैं।

उन्होंने कहा,‘‘जब हमारा देश एक है, तो अलग-अलग धर्मों के लोगों के लिए अलग-अलग कानून क्यों होने चाहिए? अगर रामचंद्र नामक कोई व्यक्ति एक शादी करता है, तो रहीम नाम के किसी शख्स से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है।’’

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रमुख विपक्षी दल हमेशा ऐसे विषयों को ‘‘हिंदू-मुसलमान’’ के नजरिये से देखता है।

उन्होंने कहा,‘‘मैं जिम्मेदारी के साथ कहना चाहूंगा कि यूसीसी पर भी कांग्रेस ने हमेशा की तरह दोहरा रवैया अख्तियार किया। कांग्रेस अपने वोट बैंक की चिंता के चलते इस समिति की बैठक में शामिल नहीं हुई और उसने यूसीसी पर अपना मत जाहिर नहीं किया।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि यही कारण है कि यूसीसी हो या धार की भोजशाला, दोनों विषयों से कांग्रेस मुंह चुराती है।

यादव ने उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन भोजशाला मामले का उल्लेख करते हुए कहा,‘‘राज्य सरकार न्यायालय के निर्णय का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। न्यायालय जो भी निर्णय करेगा, हम उसे सिर-आंखों पर लेते हुए उसके पालन के लिए आगे बढ़ेंगे।’’

भाषा हर्ष जोहेब

जोहेब