नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने यौन शोषण मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के 11 दिन के भीतर ही आरोप-पत्र दाखिल कर दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
यह मामला एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसने एक व्यक्ति पर शादी का झूठा वादा करके उसका यौन शोषण करने का आरोप लगाया था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी आसिफ उर्फ हनी को इस मामले में एक महीने पहले गिरफ्तार किया गया था।
जनकपुरी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 (कपटपूर्ण साधनों आदि का प्रयोग करके यौन उत्पीड़न), 351(2) (आपराधिक धमकी), और 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अपनी शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने अपना धर्म छिपाया और शादी का झूठा वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। आरोप के अनुसार, आरोपी ने महिला से शादी करने से इनकार कर दिया, उसके साथ मारपीट की और उसकी निजी तस्वीरें एवं वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी दी।
पुलिस सूत्रों ने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर जांच की गयी।
अधिकारियों ने कहा कि सबूतों से संकेत मिला है कि दोनों लगातार संपर्क में थे और जांच के एक पहलू के तौर पर आरोपी के कार्यस्थल से उपस्थिति रिकॉर्ड भी एकत्र किए गए।
आमतौर पर कम गंभीर अपराधों में पुलिस को आरोप-पत्र दाखिल करने में एक महीने तक का समय लग जाता है। अधिक जटिल मामलों के लिए इससे अधिक समय की भी आवश्यकता हो सकती है।
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