कर्नाटक: कलबुर्गी में पुलिस पर हमला करने वाले फरार कैदी के पैर में लगी गोली, जेल कर्मचारी निलंबित

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कर्नाटक: कलबुर्गी में पुलिस पर हमला करने वाले फरार कैदी के पैर में लगी गोली, जेल कर्मचारी निलंबित

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  • Publish Date - July 15, 2026 / 06:02 PM IST,
    Updated On - July 15, 2026 / 06:02 PM IST

कलबुर्गी, 15 जुलाई (भाषा) कर्नाटक के कलबुर्गी में एक फरार कैदी ने बुधवार को उसे पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर कथित रूप से हमला कर दिया हालांकि जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। पुलिस ने यह जानकारी दी।

कर्नाटक सरकार ने जेल से फरार होने की घटना के बाद लापरवाही के आरोप में संबंधित जेल अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी संतोष ने पुलिसकर्मियों पर उस समय कथित रूप से हमला किया, जब पुलिस ने उसका पता लगाकर उसे गिरफ्तार करने की कोशिश की। पुलिस ने बताया कि आत्मरक्षा में पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिससे संतोष के पैर में गोली लगी।

इस घटना में दो पुलिस कांस्टेबल भी घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार, संतोष समेत तीन कैदी मंगलवार तड़के यहां कलबुर्गी केंद्रीय कारागार के स्नानगृह की ग्रिल कथित रूप से काटकर और सीढ़ी की मदद से फरार हो गए थे।

बाकी दो दोषी कैदियों का पता लगाने के लिए विशेष दल गठित किए गए हैं।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि संतोष और घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए कलबुर्गी के सरकारी आयुर्विज्ञान संस्थान (जीआईएमएस) अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने एक बयान में कहा कि कलबुर्गी केंद्रीय कारागार से तीन कैदियों के फरार होने के मामले में लापरवाही और कर्तव्य में चूक के आरोप में संबंधित जेल अधिकारियों व कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि फरार कैदियों को पकड़ने के लिए पुलिस अधिकारियों को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप एक कैदी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

मंत्री ने बयान में कहा, “गृह मंत्री का पद संभालने के बाद से मैंने गृह विभाग के हर प्रभाग की समीक्षा बैठक की है और सभी प्रभागों को मजबूत बनाने तथा उनका आधुनिकीकरण करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में मैं राज्य की सभी जेलों का निरीक्षण करूंगा और जेल कर्मचारियों की कार्यकुशलता की भी समीक्षा करूंगा।”

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जेल सुधार, सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने जैसे उपायों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

खरगे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “सिर्फ आलोचना करने के लिए मुंह खोले बैठे भाजपा नेताओं को चाहिए कि वे एक बार यह भी सोचें कि उनके शासनकाल में राज्य की जेलों की क्या स्थिति थी।”

उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2010 में भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान कोप्पल जिला जेल से आठ कैदी फरार हो गए थे।

मंत्री ने पूछा, “इसे राज्य के इतिहास की ऐसी सबसे बड़ी घटना माना जा सकता है। क्या भाजपा इसे उस समय के गृह मंत्री की विफलता मानेगी?”

भाषा जितेंद्र माधव

माधव