MP visit of Union Home Minister Amit Shah
Opposition to BJP’s Vikas Yatra in Madhya Pradesh : भोपाल। मध्यप्रदेश में निकाली जा रही विकास यात्राओ की तस्वीर ने बीजेपी की पेशानी पर बल ला दिए है। यही वजह यही की मध्य प्रदेश चुनाव से पहले गुजरात फॉर्मूले की चर्चा होने लगी है! मध्य प्रदेश में करीब एक दर्जन इलाकों में अब तक विकास यात्रा के दौरान भाजपा विधायकों को जनता के विरोध का सामना करना पड़ा है। हद तो यह है कि इस यात्रा के दौरान भीड़ जुटाने के लिए निवाड़ी में बार बालाओं तक का डांस कराना पड़ गया। उधर, इस तरह की खबरों के बाद कांग्रेस भी हमलावर नजर आ रही है।
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Opposition to BJP’s Vikas Yatra in Madhya Pradesh : इन दिनों प्रदेश की सरकार आमजन के बीच अपना रिपोर्ट कार्ड पेश कर उनकी समस्याओं को जानने व सुलझाने में लगी हुई है। विकास यात्रा के जरिये बीजेपी सरकार का मकसद जनता के बीच पैठ बनाना था पर इस बीच जनप्रतिनिधियों को कहीं-कहीं आमजन के आक्रोश का शिकार भी होना पड़ रहा है। इस तरह की खबरों की वजह से बीजेपी के रणनीतिकारों की परेशानियां बढ़ गई हैं। यही नहीं इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव की वजह से सरकारी एजेंसी और संगठन की तरफ से अलग-अलग सर्वे भी कराए गए हैं, जिसके नतीजों ने भी बीजेपी की पेशानी पर बल डाल दिया है।
Opposition to BJP’s Vikas Yatra in Madhya Pradesh : विकास यात्रा में विरोध के चलते अब बीजीपी पर प्रदेश में भी गुजरात फार्मूला अपनाने का दबाव बढ़ता दिखने लगा है। माना जा रहा है कि पार्टी डैमेज कंट्रोल करने के लिए गुजरात मॉडल को अपनाने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है। विधानसभा चुनाव में एक बार फिर जीत दर्ज करने के लिए बीजेपी के प्रमुख नेताओं को भी अब गुजरात फॉर्मूला कारगर हथियार नजर आना शुरु हो गया है। इसके तहत समाज के अलग-अलग वर्गों को साधने के साथ ही खराब छवि वाले विधायकों का टिकट काटना शामिल है।
दरअसल, प्रदेश में करीब एक दर्जन इलाकों में अब तक विकास यात्रा के दौरान भाजपा विधायकों को जनता के विरोध का सामना करना पड़ा है। हद तो यह है कि इस यात्रा के दौरान भीड़ जुटाने के लिए निवाड़ी में बार बालाओं तक का डांस कराना पड़ गया। उधर, इस तरह की खबरों के बाद कांग्रेस भी हमलावर नजर आ रही है।
विकास यात्रा से मिले फीडबैक को लेकर सरकार और संगठन दोनों की ङ्क्षचताएं बढ़ती जा रही हैं। इसकी वजह है वह सरकारी सर्वे जिसमें पार्टी को 100 से भी कम सीटें मिलने का आंकलन सामने आ रहा है। इसी तरह से सूत्रों का दावा है कि राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री और मध्यप्रदेश के प्रभारी शिव प्रकाश ने भी अपने स्तर पर एक सर्वे कराया है जिसमें पार्टी को 90 सीटों पर जीत मिलती बताई गई है। इसके बाद से ही सत्ता व संगठन को फोकस समाजों के साधने पर बढ़ गया है।