शह मात The Big Debate: UCC का संग्राम.. मुस्लिम महिलाएं साथ! समर्थन वाले आंकड़े को लेकर MP में सियासत, जानिए किसकी दलील में है कितना दम?

Ads

UCC का संग्राम.. मुस्लिम महिलाएं साथ! समर्थन वाले आंकड़े को लेकर MP में सियासत, Over 92% people supported UCC

  •  
  • Publish Date - June 25, 2026 / 11:43 PM IST,
    Updated On - June 26, 2026 / 12:30 AM IST

भोपालः Battle of UCC मध्यप्रदेश में UCC को लेकर बनी राज्य स्तरीय समिति को मिले सुझावों ने सियासी बहस को नया मोड़ दे दिया है। सरकार का दावा है कि उसे मिले लाखों सुझावों में भारी बहुमत UCC के पक्ष में है। इतना ही नहीं, मुस्लिम महिलाओं के बड़े वर्ग के समर्थन का दावा भी किया जा रहा है, लेकिन विपक्ष इन आंकड़ों को ही कटघरे में खड़ा कर रहा है। आखिर UCC पर किसकी दलील में कितना दम है?

Battle of UCC मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC लागू होने से पहले आए साढ़े नौ लाख सुझावों ने तुष्टिकरण के उन ठेकेदारों की नींद उड़ा दी है। जो ये दावा करते थे कि अल्पसंख्यक UCC के खिलाफ हैं। मंगलवार तक राज्य स्तरीय समिति को मिले तक़रीबन साढ़े 9.50 लाख सुझावों में 92 फीसदी से अधिक लोगों ने UCC का समर्थन किया। इतना ही नहीं 71 फीसदी मुस्लिम महिलाएं भी UCC के समर्थन में हैं। मुस्लिम महिलाएं कह रही हैं कि हमारा शौहर हमारा हो। ये कानून हमारे हक में है।

इधर यूसीसी के समर्थन वाले आंकड़े को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है। बीजेपी कह रही है कि UCC इस्लाम के खिलाफ नहीं है। UCC लागू होने के बाद हलाला समेत कई कुरीतियां बंद हो जाएंगी। मुल्ला, मौलवी धर्म के नाम पर अत्याचार करते हैं। वहीं कांग्रेस के विधायक और मुस्लिम नेता आरिफ मसूद सुझावों को झूठ का पुलिंदा बता रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार एक परसेंट मुस्लिम महिलाओं का सुझाव नहीं ला सकती। लेकिन सवाल ये कि जब मध्यप्रदेश के 92 फीसदी से अधिक लोग UCC के समर्थन में हैं, तो फिर UCC विरोध का वितंडा क्यों? सवाल ये कि अगर 71 फीसदी मुस्लिम महिलाएं UCC के समर्थन में हैं, तो क्या ये माना जाए कि UCC को लेकर मुस्लिम समाज बंटा हुआ है? सबसे बड़ा सवाल ये कि UCC के खिलाफ मुस्लिम ही क्यों हैं, दूसरे अल्पसंख्यक क्यों नजर नहीं आते?