Pandit Dixit’s statement on Ulema: भोपाल : जमीअत उलमा के प्रदेश अध्यक्ष हजरत हाजी हारुन के हिजाब पर लेकर दिए बयान पर संत पुजारी संघ के अध्यक्ष ने पलटवार करते हुए कई सवाल उठाएं है। जिसका जवाब देते हुए अध्यक्ष पंडित नरेन्द्र दीक्षित का कहना है कि हाजी साहब की बातें समझ से परें लगती है,,यह कोरी कल्पना की बातें है..मुस्लिम समाज की महिलाएं-बहनें हिजाब बुरखा पहनकर सड़क पर निकलती है और इससे किसी को कोई परेशानी नहीं हुई पर आज यह बात कैसे आ गई।
महिलाओं को हिजाब पहनने से किसने रोका है
आजादी के पहले से भी मुस्लिम भारत में रहते आएं है उन्हें हिजाब पहनने से किसने रोका। शिक्षा प्रणाली में पंडित की बेटी जाती है तो क्या टीका लगाकर जाती है धार्मिक वस्त्र पहनकर जाती है..धार्मिक वस्त्र धार्मिकता में अच्छे लगते है, राजनैतिक वस्त्र राजनीति में अच्छे लगते है और शिक्षण संस्थान में जो वस्त्र संस्थान ने तय किए है वही अच्छे लगते है।
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भारत में सिर्फ भारत का संविधान चलेगा
Pandit Dixit’s statement on Ulema: भारत सरकार को कठोर कानून बनाना चाहिए। जिसमें यह नियम होना चाहिए कि शिक्षा पध्दति में कोई धर्म नहीं चलेगा.. शिक्षा में केवल शिक्षा की बात होगी .बच्चे को ऐसी शिक्षा क्यों देना चाहते है जिससे वह कट्टरपंथी बने.. और अगर आपको भारतीय पहनावा,मानसिकता, संस्कृति पसंद नहीं है तो अलग देश बना लो..भारत में सिर्फ भारत का संविधान चलेगा।