पन्ना:Panna News: बलात्कार पीड़िता नाबालिग को आरोपी के पास भेजने और उसके साथ दोबारा दुष्कर्म की वारदात में लिप्त पाए जाने पर पन्ना ज़िले की बाल कल्याण समिति के पाँच सदस्यों पर पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
अब इस समिति का प्रभार छतरपुर की बाल कल्याण समिति को सौंपा गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग वल्लभ भवन द्वारा इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। पन्ना ज़िले की बाल कल्याण समिति में भानु प्रताप जड़िया (अध्यक्ष), सुदीप कुमार श्रीवास्तव, अंजलि सिंह, आशीष बोस और प्रमोद कुमार को नियुक्त किया गया था।
Panna News: लेकिन इन सभी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज होने के बाद तत्काल प्रभाव से इन्हें निलंबित कर दिया गया है। साथ ही छतरपुर ज़िले की बाल कल्याण समिति को पन्ना समिति का प्रभार सौंपा गया है। इन पाँच सदस्यों में से एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जबकि शेष चार सदस्य अभी फरार हैं।
यह मामला पन्ना ज़िले की बाल कल्याण समिति से जुड़ा है जहाँ पाँच सदस्यों पर एक नाबालिग पीड़िता को आरोपी के पास भेजने और दोबारा दुष्कर्म होने देने का आरोप है।
"पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज" क्यों किया गया?
पीड़िता नाबालिग थी, और उसे आरोपी के पास भेजना कानूनी व नैतिक रूप से अपराध है। इसलिए इस पर पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज हुआ।
क्या "पन्ना CWC सदस्यों को निलंबित" किया गया है?
हाँ, पाँचों सदस्यों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और प्रभार छतरपुर की समिति को सौंपा गया है।
"पन्ना नाबालिग दुष्कर्म मामला" में कितने लोग फरार हैं?
इस मामले में एक आरोपी को जेल भेज दिया गया है, जबकि शेष चार अभी फरार हैं।
"छतरपुर बाल कल्याण समिति को प्रभार" क्यों सौंपा गया है?
पन्ना समिति पर विश्वासघात और लापरवाही के आरोप लगने के बाद यह निर्णय लिया गया ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।