इंदौर, 29 सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के इंदौर में शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (एमवायएच) के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) के परिसर में मंगलवार को सांप रेंगता दिखाई दिया। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सांप ने किसी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।
एमवायएच को प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में गिना जाता है। ओपीडी परिसर में सांप रेंगने का वीडियो सामने आने के बाद लोग सोशल मीडिया पर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।
एमवायएच के अधीक्षक डॉ. अशोक यादव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि मंगलवार सुबह आठ बजे ओपीडी खुलने के बाद इस परिसर की सफाई के दौरान कर्मचारियों ने एक खिड़की के पास सांप देखा।
यादव ने बताया, “अस्पताल की एक महिला सुरक्षा गार्ड ने हिम्मत दिखाते हुए सांप को ओपीडी परिसर से बाहर कर दिया। सांप ने किसी भी व्यक्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।”
हालांकि, एमवायएच अधीक्षक ने सांप की प्रजाति का खुलासा नहीं किया, लेकिन दावा किया कि वह जहरीला नहीं था।
यादव ने बताया कि अस्पताल परिसर में निर्माण और पेड़-पौधों की कटाई का काम चल रहा है, इसलिए संभव है कि सांप वहां से ओपीडी भवन के अंदर आया हो।
इससे पहले, एमवायएच परिसर में चूहों और बिल्ली की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ चुके हैं।
अधिकारियों ने बताया कि एमवायएच की ओपीडी में फरवरी के दौरान बिल्ली देखी गई थी और अस्पताल प्रबंधन ने उसे पकड़ने के लिए पिंजरा भी रखवाया था।
उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर की स्वच्छता में लापरवाही पाए जाने के कारण ठेकेदार एजेंसी एचएलएल पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया था।
वर्ष 2025 में एमवायएच की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में चूहों ने दो नवजात बच्चियों पर हमला किया था, जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी।
बहरहाल, एमवायएच प्रशासन ने दावा किया था कि दोनों बच्चियों की मौत का चूहों के काटने से कोई लेना-देना नहीं है और उन्होंने अलग-अलग जन्मजात विकृतियों के कारण पहले से मौजूद गंभीर स्वास्थ्यगत परेशानियों के कारण दम तोड़ा।
भाषा
हर्ष पारुल
पारुल