Uterus in Male Abdomen: पुरुष भाजपा नेता के पेट में बच्चेदानी! सोनोग्राफी करवाने पर चला पता, यकीन ना हो तो देखें रिपोर्ट

पुरुष भाजपा नेता के पेट में बच्चेदानी! सोनोग्राफी करवाने पर चला पता, Satna News: Uterus in BJP Leader Male Abdomen

Uterus in Male Abdomen: पुरुष भाजपा नेता के पेट में बच्चेदानी! सोनोग्राफी करवाने पर चला पता, यकीन ना हो तो देखें रिपोर्ट

Reported By: Mridul Pandey,
Modified Date: January 20, 2026 / 09:20 pm IST
Published Date: January 20, 2026 9:00 pm IST

सतनाः Uterus in Male Abdomen: मध्यप्रदेश के सतना शहर के स्टेशन रोड स्थित सतना डायग्नोस्टिक सेंटर की एक सोनोग्राफी रिपोर्ट ने सबको चौंका दिया है। रिपोर्ट में 47 वर्षीय एक पुरुष मरीज में यूट्रस (गर्भाशय) बताया गया है। यह जांच रिपोर्ट जिले के एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की बताई जा रही है। दरअसल, उचेहरा नगर पंचायत के अध्यक्ष और भाजपा नेता निरंजन प्रजापति को पेट में तकलीफ होने पर 13 जनवरी को सतना डायग्नोस्टिक सेंटर में सोनोग्राफी कराई गई थी। रिपोर्ट में न केवल गर्भाशय बताया गया है, बल्कि उसे उल्टा भी दर्शाया गया है। इस गंभीर लापरवाही को लेकर जब सतना डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक डॉ. अरविंद सराफ से जानकारी चाही गई तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

पैथोलॉजी लैब से जुड़ा एक और गंभीर फर्जीवाड़ा आया सामने

Uterus in Male Abdomen: इसके अलावा पैथोलॉजी लैब से जुड़ा एक और गंभीर फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसकी शिकायत सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला से की गई है। आयुष्मान हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर की पैथोलॉजी लैब पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन एवं संबद्ध चिकित्सकों द्वारा भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए जांच रिपोर्ट जारी की जा रही हैं। आरोप है कि पैथोलॉजिस्ट के नाम पर केवल हस्ताक्षर की सील लगाकर मरीजों को जांच रिपोर्ट दी जा रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि अस्पताल की पैथोलॉजी में रक्त व अन्य जांच रिपोर्टों में पैथोलॉजिस्ट डॉ. साक्षी चौरसिया का नाम दर्शाया जाता है, जबकि वास्तविकता में रिपोर्ट पर उनके हस्ताक्षर नहीं होते, बल्कि केवल प्रिंटेड हस्ताक्षर की सील लगाकर रिपोर्ट जारी की जाती है।

शिकायतकर्ता ने बनाया वीडियो

शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले का एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया है। यदि इस मामले की जांच होती है तो अस्पताल प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। शिकायत के साथ मरीज राघव तिवारी की पैथोलॉजी रिपोर्ट भी संलग्न की गई है, जो दिनांक 7 जनवरी 2026 की है। रिपोर्ट में हीमोग्राम जांच के अंतर्गत एचजीबी (हीमोग्लोबिन) का मान जांच पर्ची में 16.8 दर्शाया गया है, जबकि अंतिम रिपोर्ट में 10.8 लिखा गया है। इस प्रकार की गंभीर विसंगति यह संकेत देती है कि जांच प्रक्रिया मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं की जा रही है। मामले को लेकर सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला ने कहा है कि दोनों ही मामलों की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।