Maihar Malnutrition Case : 5 साल के मासूम का शरीर बना हड्डियों का ढांचा! मैहर से सामने आई कुपोषण की डरावनी तस्वीर, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

मध्य प्रदेश के मैहर जिले से कुपोषण का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। 5 वर्षीय पवन सिंह की हालत इतनी खराब है कि उसके शरीर की हड्डियां साफ दिखाई दे रही हैं। लंबे समय से बीमारी और कमजोरी से जूझ रहे बच्चे को गंभीर हालत में मैहर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने कुपोषण जैसे लक्षण होने की आशंका जताई है।

Maihar Malnutrition Case : 5 साल के मासूम का शरीर बना हड्डियों का ढांचा! मैहर से सामने आई कुपोषण की डरावनी तस्वीर, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

Maihar Malnutrition Case / Image Source : IBC24

Modified Date: May 27, 2026 / 10:06 am IST
Published Date: May 27, 2026 10:01 am IST
HIGHLIGHTS
  • मैहर में 5 वर्षीय बच्चे में गंभीर कुपोषण जैसे लक्षण मिले।
  • बच्चे का शरीर लगातार सूख रहा है और हड्डियां साफ दिखाई दे रही हैं।
  • डॉक्टरों ने बच्चे को तत्काल भर्ती कर उपचार शुरू किया।

मैहर: Maihar Malnutrition Case :  मध्य प्रदेश के मैहर जिले से कुपोषण की एक बेहद चिंताजनक और संवेदनशील तस्वीर सामने आई है। 5 वर्षीय मासूम पवन सिंह की हालत ऐसी है कि उसके शरीर पर हड्डियां साफ दिखाई दे रही हैं और दिन-ब-दिन उसका शरीर सूखता जा रहा है। लगातार बीमारी, अत्यधिक कमजोरी और सूखा रोग जैसे लक्षणों से पीड़ित बच्चे को इलाज के लिए मैहर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

लंबे समय से स्वास्थ्य ख़राब

जानकारी के अनुसार, पवन सिंह पिता रमेश सिंह जिसकी उम्र 5 वर्ष, मूल रूप से कटनी जिले की बरही तहसील के खतौली बंजारिया गांव का निवासी है। बच्चे को उसकी मामी संजू सिंह और मां उषा सिंह इलाज के लिए मैहर सिविल अस्पताल लेकर पहुंची हैं। बच्चे की मामी संजू सिंह ने बताया कि पवन का स्वास्थ्य लंबे समय से खराब चल रहा है। परिजन लगातार दवाइयां और इलाज करवा रहे थे, लेकिन उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसे मैहर अस्पताल लाया गया।

 Malnutrition Pawan Singh बच्चे का शरीर हो गया है टेढ़ा

परिजनों के अनुसार बच्चे का शरीर लगातार सूखता जा रहा है। उसका शरीर टेढ़ा हो गया है, हड्डियां साफ दिखाई दे रही हैं और उसे गले तथा कंधे में दर्द की शिकायत रहती है। उसका शारीरिक विकास भी सामान्य बच्चों की तुलना में बेहद कमजोर है। जब परिजन बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति देखते ही तत्काल भर्ती करने की सलाह दी।

कुपोषण जैसे लक्षण होने की आशंका

चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में कुपोषण जैसे लक्षण होने की आशंका जताई है। फिलहाल बच्चे का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।बताया गया कि कई जगह इलाज कराने के बावजूद बच्चे के स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। समय पर उचित उपचार और पोषण सहायता नहीं मिलने के कारण उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और कुपोषण को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि आखिर तीन वर्षों तक बच्चा लगातार बीमारी और कुपोषण से जूझता रहा, लेकिन उसे समय रहते पर्याप्त उपचार और पोषण सहायता क्यों नहीं मिल सकी। मैहर जिले में सामने आए इस मामले ने महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

मैहर ज़िले का कुपोषण का पहला मामला

जानकारों का मानना है कि यदि आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और पोषण योजनाओं की नियमित निगरानी प्रभावी होती, तो शायद बच्चे की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। सतना जिले के अंचल में पहले भी बड़ी संख्या में कुपोषित बच्चों के मामले सामने आ चुके हैं, वहीं मैहर में यह पहला मामला बताया जा रहा है जो कटनी जिले से सामने आया है। फिलहाल पवन सिंह का इलाज मैहर सिविल अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में जारी है। यह मामला न सिर्फ कुपोषण की भयावह स्थिति को उजागर करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य और पोषण योजनाओं की जमीनी हकीकत पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।

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लेखक के बारे में

I’m Sneha Singh, a journalist and storyteller committed to ethical, ground-level, and impact-oriented reporting. A Gold Medalist in Journalism And Mass Communication, I believe in telling stories with accuracy, sensitivity, and purpose. Currently working with IBC24, I specialize in content writing, news production, and modern storytelling bridging facts with human experiences to inform, engage, and inspire audiences..