शह मात The Big Debate: TET की गाज, टीजर नाराज, तीन कड़े फैसलों से फैला असंतोष, शिक्षक पात्रता परीक्षा पर सुप्रीम फैसले के क्या है मायने?

Ads

TET Supreme Court Decision: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ये तय कर दिया कि सभी शिक्षकों को टीचर्स एलीजीबिल्टी टेस्ट यानी TET देना होगा।

  •  
  • Publish Date - May 30, 2026 / 11:37 PM IST,
    Updated On - May 30, 2026 / 11:40 PM IST

TET Supreme Court Decision/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ये तय कर दिया कि सभी शिक्षकों को TET देना होगा।
  • इस फैसले से एमपी में तकरीबन डेढ़ लाख टीचर्स इस दायरे में आएंगे।
  • सुप्रीम कोर्ट ने TET पास करने की समय सीमा 31 अगस्त 2027 से बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी है।

इधर TET की अनिवार्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एमपी में सियासत भी तेज हो गई। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि- राज्य सरकार कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखकर रास्ता निकाल सकती थी, लेकिन सरकार उन्हें – नौकरी से बाहर करना चाहती है।

वहीं भाजपा, वोटबैंक वाली संवेदनशीलता के मद्देनजर संतुलित नजर आई। (TET Supreme Court Decision)  भाजपा ने RTE को लेकर जहां कांग्रेस पर निशाना साधा तो ये दावा भी किया कि-सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर विचार करेगी।

कुलमिलाकर एमपी में टीचर्स के लिए तीन निर्णय लगभग एक साथ आए। सुप्रीम कोर्ट ने जहां TET को अनिवार्य किया। वहीं एमपी सरकार ने ई अटेंडेंस को भी अनिवार्य कर दिया। इसके अलावा जनगणना में लगे टीचर्स के ट्रांसफर पर भी रोक लगा दी, लेकिन सवाल ये कि – जब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ़ कोई भी सरकारें जा नहीं सकती तो टीचर्स एक्जाम के लिए राज़ी क्यूँ नहीं हो रहे। (TET Supreme Court Decision)  सवाल ये भी कि- क्या टीचर्स अपनी ई अटेंडेंस वाली ज़िद छोड़ पाएंगे या नहीं?

इन्हे भी पढ़ें:-