भोपाल: MP Assembly Session मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र का आज मंगलवार को छठवां दिन है। मध्य प्रदेश विधानसभा में आज प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने भिंड में हो रही बिजली कटौती का मामला उठाया। उनका आरोप था कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक की लापरवाही की वजह से ये कटौती हो रही है।
MP Assembly Session इस पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा कि किसी तरह की बिजली कटौती नहीं हो रही है, केवल मेंटेनेंस के समय बिजली की कटौती होती है। हालांकि, बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि मंत्री भ्रष्ट अधिकारियों को बचा रहे हैं और ऐसे अधिकारियों को सस्पेंड कर जांच कराई जानी चाहिए।
इस पर मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने भी जवाब दिया कि विधायक द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर जांच की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि 31 मार्च के बाद संबंधित अधिकारी को हटा दिया जाएगा और वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले की जांच कराई जाएगी।
विधानसभा में कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के तहत मंडला एनकाउंटर का मामला उठाया। उनका कहना था कि आदिवासियों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं और इस एनकाउंटर में पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले की सही जांच नहीं कराई गई, जो गलत है। मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इस पर जवाब दिया कि पुलिस की भूमिका संदेहपूर्ण नहीं है और इस मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं।
बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाहा ने भिंड में बिजली कटौती के बारे में क्या आरोप लगाया?
विधायक ने आरोप लगाया कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के महाप्रबंधक की लापरवाही की वजह से भिंड में बिजली कटौती हो रही है।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली कटौती पर क्या कहा?
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि किसी भी प्रकार की बिजली कटौती नहीं हो रही है, केवल मेंटेनेंस के दौरान कटौती होती है। इसके बाद उन्होंने विधायक के सुझावों पर जांच करने का आश्वासन दिया।
कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने मंडला एनकाउंटर के बारे में क्या कहा?
विक्रांत भूरिया ने आरोप लगाया कि मंडला एनकाउंटर में पुलिस की भूमिका संदेहास्पद है और आदिवासियों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। उन्होंने इस मामले की जांच की मांग की।