भारत की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित तीन विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनीं

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भारत की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित तीन विशेष प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनीं

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  • Publish Date - August 5, 2026 / 10:35 PM IST,
    Updated On - August 5, 2026 / 10:35 PM IST

भोपाल, पांच अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार से शुरू हुई ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक के दौरान भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, समुद्री सभ्यता, ज्ञान परंपरा और साझी सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करती तीन विशेष प्रदर्शनियां लगाई गई हैं।

ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह और संस्कृति मंत्रियों की बैठक का आयोजन पांच से आठ अगस्त तक कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में किया जा रहा है।

एक अधिकारी ने बताया कि इस अवसर पर ‘प्रोजेक्ट मौसम’, ‘ग्रेटर इंडिया’ और ‘ज्ञान भारतम्’ शीर्षक से तीन विशेष प्रदर्शनियां आयोजित की गई हैं। इनमें भारत की समुद्री विरासत, ज्ञान परंपरा और वैश्विक सांस्कृतिक सहयोग को प्रदर्शित किया गया है, जो प्रतिनिधियों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

उन्होंने बताया कि ये प्रदर्शनियां सात और नौ अगस्त को आम लोगों के लिए भी खुली रहेंगी, जहां आगंतुक भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, वैश्विक सांस्कृतिक विविधता और ज्ञान परंपरा का प्रत्यक्ष अनुभव कर सकेंगे।

संस्कृति मंत्रालय के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और ‘डिजाइन फैक्टरी इंडिया’ द्वारा विकसित ‘प्रोजेक्ट मौसम’ प्रदर्शनी आगंतुकों को मानसूनी हवाओं से विकसित साझा समुद्री विरासत और हिंद महासागर क्षेत्र में दो सहस्राब्दियों से विकसित सांस्कृतिक संबंधों की ऐतिहासिक यात्रा से परिचित कराती है।

अधिकारी ने बताया कि ‘ग्रेटर इंडिया’ प्रदर्शनी भारत और विश्व के बीच हजारों वर्षों से चले आ रहे सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, बौद्धिक और कलात्मक संबंधों को रेखांकित करती है।

उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी दर्शाती है कि आधुनिक राजनीतिक सीमाओं के गठन से बहुत पहले भारत का एशिया, अफ्रीका और विश्व के अनेक देशों से व्यापारियों, बौद्ध भिक्षुओं, विद्वानों, कलाकारों और यात्रियों के माध्यम से संपर्क था।

प्रदर्शनी में स्पष्ट किया गया है कि ‘ग्रेटर इंडिया’ राजनीतिक विस्तार की अवधारणा नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवाद, ज्ञान के आदान-प्रदान और साझा मानवीय मूल्यों का प्रतीक है।

अधिकारी ने बताया कि ब्रिक्स बैठक में मध्यप्रदेश का विशेष मंडप भी देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। सांची स्तूप के मुख्य तोरण की प्रतिकृति पर आधारित इस मंडप में राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया है।

ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के समूह को ‘ब्रिक्स’ के नाम से जाना जाता है। बाद में इसका विस्तार हुआ और इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब तथा संयुक्त अरब अमीरात सहित कई अन्य देश शामिल हो गए। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है।

भाषा दिमो शफीक

शफीक