इंदौर (मध्यप्रदेश), 24 मई (भाषा) पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विषा शर्मा की कथित तौर पर दहेज के लिए हत्या किए जाने के मामले पर उच्चतम न्यायालय के स्वत: संज्ञान के बाद आरोपियों के एक वकील ने रविवार को कहा कि उनके मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और वक्त आने पर शीर्ष अदालत के सामने अपना पक्ष रखेंगे।
भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में 12 मई को ससुराल वालों के मकान में त्विषा (33) का शव फंदे से लटका हुआ मिला था। इसके बाद दहेज उत्पीड़न के आरोप में उनके पति व अधिवक्ता समर्थ सिंह और सास व पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
दोनों आरोपियों के वकील ज्ञानेंद्र शर्मा ने मामले में उच्चतम न्यायालय के स्वत: संज्ञान को लेकर प्रतिक्रिया मांगे जाने पर इंदौर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारा रवैया शुरुआत से सकारात्मक रहा है और हम जांच में पूरी मदद कर रहे हैं। वक्त आने पर हम शीर्ष अदालत के सामने अपना पक्ष रखेंगे।’’
उच्चतम न्यायालय ने कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक विसंगतियों के मद्देनजर मामले का शनिवार को स्वतः संज्ञान लिया था।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ 25 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी।
बचाव पक्ष के वकील शर्मा ने इस आरोप को खारिज किया कि उनकी मुवक्किल गिरिबाला सिंह सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रही हैं। शर्मा ने कहा कि अग्रिम जमानत मिलने के बाद से वह पुलिस की जांच में सहयोग कर रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि मीडिया में गिरिबाला सिंह के कुछ बयानों को ‘तोड़-मरोड़ कर’ पेश किया गया।
बचाव पक्ष के वकील ने यह दावा भी किया कि त्विषा ने खुदकुशी की थी, लेकिन इसका कारण पूछे जाने पर उन्होंने टिप्पणी से इनकार कर दिया।
शर्मा ने कहा कि दहेज के तौर पर 20 लाख रुपये मांगने से संबंधित त्विषा के परिजन के आरोप ‘विरोधाभासों से भरे’ हैं।
त्विषा के पिता नवनिधि शर्मा और राज्य सरकार ने भोपाल की एक अदालत द्वारा गिरिबाला सिंह को दी गई अग्रिम जमानत रद्द करने की गुहार लगाते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में याचिकाएं दायर की हैं। याचिकाओं पर अगली सुनवाई 25 मई (सोमवार) को होनी है।
सुनवाई से पहले, बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि उनकी मुवक्किल ने जमानत की किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है और न ही किसी सबूत से छेड़छाड़ की है।
शर्मा ने कहा कि उनके पक्षकारों को मामले की सीबीआई जांच या त्विषा के शव के दूसरे पोस्टमॉर्टम पर कभी कोई आपत्ति नहीं थी।
उन्होंने दावा किया कि पति-पत्नी के तौर पर समर्थ और त्विषा के बीच सबकुछ सामान्य था।
शर्मा ने कहा,’त्विषा ने शादी के बाद गर्भ धारण किया था, लेकिन वह बच्चे को जन्म देना नहीं चाहती थीं। हालांकि, समर्थ और उनकी मां गिरिबाला सिंह चाहते थे कि त्विषा बच्चे को जन्म दें।’’
भाषा हर्ष जोहेब
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