Ujjain 11 August Independence Day : 15 अगस्त नहीं… इस बार 11 अगस्त को मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस! यहाँ निभाई जा रही 79 साल पुरानी परंपरा

उज्जैन के प्राचीन बड़े गणेश मंदिर में इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के बजाय 11 अगस्त को मनाया जाएगा। मंदिर प्रशासन का कहना है कि यह आयोजन अंग्रेजी कैलेंडर नहीं, बल्कि 1947 की वैदिक तिथि के अनुसार किया जाता है। इसी परंपरा के तहत ध्वजारोहण, राष्ट्रगान और भारत माता पूजन का आयोजन होगा।

Ujjain 11 August Independence Day : 15 अगस्त नहीं… इस बार 11 अगस्त को मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस! यहाँ निभाई जा रही 79 साल पुरानी परंपरा

Ujjain 11 August Independence Day / Image Source : FILE

Modified Date: August 7, 2026 / 07:43 pm IST
Published Date: August 7, 2026 7:43 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बड़े गणेश मंदिर में स्वतंत्रता दिवस 11 अगस्त को मनाया जाएगा।
  • आयोजन 1947 की वैदिक तिथि श्रावण कृष्ण चतुर्दशी के आधार पर किया जाता है।
  • ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, भारत माता पूजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।

उज्जैन : Ujjain 11 August Independence Day :  बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में धार्मिक परंपराओं के साथ-साथ राष्ट्रीय पर्वों को भी अंग्रेजी तारीख के बजाय वैदिक तिथि के अनुसार मनाने की अनूठी परंपरा निभाई जा रही है। इसी कड़ी में, महाकाल मंदिर के समीप स्थित प्राचीन बड़े गणेश मंदिर में इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के बजाय 11 अगस्त को मनाया जाएगा।

11 अगस्त को होगा ध्वजारोहण, राष्ट्रगान

मंदिर के पुजारी एवं ज्योतिषाचार्य पं. अक्षय व्यास के अनुसार, 15 अगस्त 1947 को जब भारत स्वतंत्र हुआ था, तब पंचांग के अनुसार श्रावण कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि थी। इस वर्ष यह वैदिक तिथि 11 अगस्त को पड़ रही है, इसलिए मंदिर में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन इसी दिन किया जाएगा। 11 अगस्त को सुबह भगवान गणेश के विशेष पूजन और अभिषेक के बाद ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, और भारत माता का पूजन होगा। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम और शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

क्या है अनूठी परंपरा का राज़

इस अनूठी परंपरा की शुरुआत के पीछे एक ऐतिहासिक संदर्भ है। पं. अक्षय व्यास ने बताया कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पं. नारायण व्यास से देश की स्वतंत्रता की घोषणा के लिए शुभ मुहूर्त निकालने का आग्रह किया था। पंचांग गणना के आधार पर उन्होंने श्रावण कृष्ण चतुर्दशी को सर्वश्रेष्ठ तिथि बताया था। इसी पंचांगीय गणना के आधार पर स्वतंत्रता दिवस और संविधान लागू होने की तिथि (माघ शुक्ल अष्टमी) को वैदिक पंचांग के अनुसार मनाने की परंपरा यहाँ चली आ रही है।

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