उज्जैन: हिरासत से भागने की कोशिश में पुलिस मुठभेड़ में हत्या के दो आरोपियों को लगी गोली

उज्जैन: हिरासत से भागने की कोशिश में पुलिस मुठभेड़ में हत्या के दो आरोपियों को लगी गोली

उज्जैन: हिरासत से भागने की कोशिश में पुलिस मुठभेड़ में हत्या के दो आरोपियों को लगी गोली
Modified Date: September 27, 2026 / 01:21 pm IST
Published Date: September 27, 2026 1:21 pm IST

उज्जैन, 27 सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के उज्जैन में दो भाइयों की हत्या के मामले में वांछित दो लोगों ने कथित तौर पर हिरासत से बचने के लिए भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस मुठभेड़ में उनके पैरों में गोली मारकर पकड़ लिया गया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

नीलनगंगा पुलिस थाने के प्रभारी तरुण कुरील ने बताया कि दोनों आरोपियों की पहचान सोनू पासी और विजय सूर्यवंशी के रूप में हुई है।

उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस स्टेशन ले जाया जा रहा था तभी वे कथित तौर पर पुलिस वाहन से कूद गए और भागने की कोशिश की।

उन्होंने बताया कि जब पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने कथित तौर पर पथराव किया, जिसके बाद अधिकारियों ने गोलियां चलाईं और रात 11 बजे के तुरंत बाद उन्हें फिर से पकड़ लिया।

अधिकारी ने बताया कि आंशिक मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने उनके पैरों में गोलियां चलाई, जिनसे वे घायल होकर गिर पड़े।

उन्होंने बताया कि दोनों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। थाना प्रभारी ने कहा कि उन्हें रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

पुलिस ने बताया कि पासी और गोरकर परिवार के सदस्यों के बीच होली के दौरान एक महिला को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उनके बीच दुश्मनी पैदा हो गई।

पुलिस ने बताया कि 18 जुलाई की रात को दोनों परिवारों के सदस्य नीलानगंगा इलाके में एक रेस्तरां के बाहर आपस में भिड़ गए और एक-दूसरे पर लाठी, तलवार और पत्थरों से हमला कर दिया।

पासी परिवार के सदस्यों ने कथित तौर पर चार राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें से एक लोकेश गोरकर को लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

उन्होंने कहा कि इसमें घायल हुए उसके बड़े भाई जय और चचेरे भाई तपन को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

पुलिस ने बताया कि 19 जुलाई को इलाज के दौरान जय की मौत हो गई। कुरील ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि सोनू पासी और सूर्यवंशी फरार थे। पुलिस ने बताया कि मामले में दो से तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं।

भाषा ब्रजेन्द्र रंजन

रंजन


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