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उज्जैन: 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। मंदिर परिसर को तिरंगे और रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार केसरिया, सफेद और हरे रंग के फूलों से किया गया, साथ ही मस्तक पर तीन रंगों का आकर्षक टीका लगाया गया। इस अद्भुत श्रृंगार को देखने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे परिसर में देशभक्ति का माहौल देखने को मिला और भक्तों ने मिलकर राष्ट्रीय गीतों और भजन-कीर्तन के माध्यम से उत्सव का आनंद लिया।
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— IBC24 News (@IBC24News) January 26, 2026
गणतंत्र दिवस के इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी उज्जैन में समारोह में भाग लिया। सुबह 08:55 बजे मुख्यमंत्री कार्तिक मेला ग्राउंड पहुंचे और वहां आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण किया। ध्वजारोहण के दौरान सभी उपस्थित अधिकारी और नागरिकों ने तिरंगे को सलामी दी और राष्ट्रगान के साथ गणतंत्र दिवस का उत्सव मनाया।
बताते चलें कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन से अशोकनगर के दौरे का भी कार्यक्रम रखा है सुबह के कार्यक्रम के बाद, दोपहर 12:30 बजे मुख्यमंत्री हेलीकॉप्टर द्वारा उज्जैन से मढ़ी महिदपुर होते हुए अशोकनगर पहुंचेंगे। वहां उन्होंने स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और नागरिकों से सीधे संवाद करेंगे।
बताते चलें कि मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज गणतंत्र दिवस का राज्य स्तरीय मुख्य समारोह आयोजित किया गया। ऐतिहासिक लाल परेड मैदान में होने वाले इस भव्य आयोजन को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी की। इस अवसर पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। इस वर्ष का गणतंत्र दिवस समारोह कई मायनों में खास रहेगा, क्योंकि इस बार अब तक की सबसे लंबी परेड आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा बलों से लेकर सांस्कृतिक दलों तक की व्यापक भागीदारी देखने को मिली।
गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष कुल 23 प्लाटून शामिल होंगी, जिनमें करीब 1300 जवान कदमताल करते नजर आएंगे। परेड की विशेष बात यह है कि इसमें डॉग स्क्वॉड भी शामिल किया गया है, जो सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती का संदेश देगा। इसके साथ ही मध्यप्रदेश पुलिस, विशेष सशस्त्र बल (SAF), पुलिस बैंड, एनसीसी की गर्ल्स और बॉयज विंग, स्काउट-गाइड की टीम और महिला शौर्य दल परेड का हिस्सा होंगे। इस बार परेड में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के दल की भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
परेड की कमान इस बार युवा आईपीएस अधिकारी आयुष जाखड़ के हाथों में होगी, जो वर्तमान में ग्वालियर जिले में एसडीओपी के पद पर पदस्थ हैं। वहीं परेड की सेकेंड कमांडर की जिम्मेदारी रतलाम की डीएसपी नीलम निभाएंगी, जो राज्य पुलिस सेवा की अधिकारी हैं। दोनों अधिकारियों के नेतृत्व में परेड का अनुशासन और समन्वय देखने लायक होगा।
गणतंत्र दिवस समारोह में इस बार केंद्रीय सशस्त्र बलों की भी मजबूत मौजूदगी रहेगी। राज्य स्तरीय परेड में इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की टुकड़ियां शामिल होंगी। इन तीनों केंद्रीय बलों की भागीदारी परेड को राष्ट्रीय स्वरूप प्रदान करेगी और सुरक्षा बलों की एकता व शक्ति का प्रदर्शन करेगी।
परेड के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी समारोह का प्रमुख आकर्षण रहेंगे। स्कूली बच्चों और आदिवासी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाएंगी। इसके अलावा परेड में प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों की झांकियां भी निकाली जाएंगी, जो शासन की योजनाओं और उपलब्धियों को दर्शाएंगी।
इस वर्ष झांकियों की मुख्य थीम “2047: मध्यप्रदेश का विकास” रखी गई है। इसी क्रम में गृह विभाग की झांकी में हाल ही में शुरू की गई डायल 112 आपातकालीन सेवा और शहीद स्मारक को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। कुल मिलाकर, भोपाल में आयोजित होने वाला यह गणतंत्र दिवस समारोह देशभक्ति, विकास और सांस्कृतिक विविधता का भव्य संगम साबित होगा।