Bhind Hospital News: 45 वर्ष की उम्र में लिया था नसबंदी का फैसला, चार महीने पहले बेटियों के बाद दिया था बेटे को जन्म, ऑपरेशन के दौरान हुआ बड़ा कांड

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में फूप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित नसबंदी शिविर में एक महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। महिला की अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे भिंड जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Bhind Hospital News: 45 वर्ष की उम्र में लिया था नसबंदी का फैसला, चार महीने पहले बेटियों के बाद दिया था बेटे को जन्म, ऑपरेशन के दौरान हुआ बड़ा कांड

Bhind Hospital News / Image Source : AI Generated

Modified Date: December 19, 2025 / 05:19 pm IST
Published Date: December 19, 2025 5:19 pm IST
HIGHLIGHTS
  • भिंड के फूप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नसबंदी शिविर के दौरान महिला की मौत।
  • ऑपरेशन के दौरान महिला बेहोश हुई, अस्पताल पहुंचने पर घोषित मृत।
  • परिजन डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Bhind Hospital News भिंड: मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक बार फिर लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। फूप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित नसबंदी शिविर में ऑपरेशन कराने गई महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। फिलहाल पुलिस ने महिला का शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है, वहीं परिजन डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, पूरा मामला भिंड के फूप थाना क्षेत्र के अंतर्गत फूप सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। फूप के गोहारा गांव निवासी 45 वर्षीय सुखदेवी पत्नी, स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित नसबंदी शिविर में गुरुवार सुबह नसबंदी कराने पहुंची। बताया जा रहा है कि आशा कार्यकर्ता मंजू भदौरिया महिला को सुबह करीब 11 बजे नसबंदी शिविर में लेकर आई थीं। शिविर में डॉक्टर जीआर शाक्य द्वारा महिलाओं की नसबंदी की जा रही थी।

पेट में चीरा लगाने के बाद बिगड़ी तबियत

सुखदेवी का ऑपरेशन क्रम में सातवां नंबर था। डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद जैसे ही पेट पर चीरा लगाया गया, महिला की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। हालत गंभीर होने पर महिला को तत्काल एंबुलेंस से भिंड जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की देवरानी रेखा भदौरिया ने डॉक्टर जीआर शाक्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण सुखदेवी की मौत हुई है और इस मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

चार महीने पहले दिया था बेटे को जन्म

परिजनों ने बताया कि सुखदेवी के पति नरेंद्र सिंह मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके पहले से तीन बेटियां हैं और चार महीने पहले सुखदेवी ने एक बेटे को जन्म दिया था। महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया, वहीं पूरे मामले की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा .

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लेखक के बारे में

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