Woman Judge Threat Case/Image Credit: IBC24.in
Woman Judge Threat Case: जबलपुर: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने महिला न्यायाधीश तबस्सुम खान को लगातार मिल रही धमकियों के मामले को गंभीरता से लिया है। महिला न्यायाधीश तबस्सुम खान ने गौहत्या से जुड़े एक मामले में 14 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां और धमकी भरे संदेश सामने आए थे। इस मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्वतः संज्ञान लिया है और राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से पूछा है कि न्यायाधीश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अब तक क्या-क्या कदम उठाए गए। इतना ही नहीं हाईकोर्ट ने डीजीपी समेत अन्य सीनियर अधिकारियों को तीन दिन के अंदर यह बताने को कहा है कि दोषियों के खिलाफ केस दर्ज करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, महिला न्यायधीश तबस्सुम खान ने अगस्त 2022 के मॉब लिंचिंग के एक मामले में 14 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इसी फैसले के बाद उन्हें धमकियां मिल रही हैं। बुधवार को, हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस एके सिंह की बेंच ने नर्मदापुरम के सिवनी मालवा में तैनात महिला जज तबस्सुम खान को मिल रही धमकियों का मुद्दा उठाया। (Woman Judge Threat Case) साथ ही कहा कि यह बहुत चिंता की बात है कि एक न्यायिक अधिकारी को उनके दिए गए आदेश के कारण किसी पक्षकार द्वारा धमकी दी जा रही है।
Woman Judge Threat Case: वहीं इस मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने न्यायिक अधिकारियों के साथ मारपीट और धमकियों की घटनाओं के बाद जजों की सुरक्षा का खुद ही संज्ञान लिया। बेंच ने कहा कि ऐसी गतिविधियां सीधे तौर पर न्यायिक स्वतंत्रता और हमारे न्यायिक अधिकारियों के निडर होकर काम करने में बाधा डालती हैं। डबल बेंच ने कहा कि ऐसे जजों द्वारा दिए गए आदेशों की अपील या पुनरीक्षण के रूप में समीक्षा की जा सकती है, लेकिन हमारे न्यायिक अधिकारी को सिर्फ इसलिए धमकी नहीं दी जा सकती क्योंकि उन्होंने कोई ऐसा आदेश दिया जो समाज के किसी खास वर्ग को पसंद नहीं आया।
इतना नहीं मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने नर्मदापुरम के एसपी से जज खान को सुरक्षा मुहैया कराने को कहा है। कोर्ट में यह बताया गया कि उन्हें पहले ही सुरक्षा दी जा चुकी है तो बेंच ने एसपी से न्यायिक अधिकारी को धमकी देने वाले लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में हलफनामा दाखिल करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई नौ जुलाई को होगी।
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