कल्याण डोंबिवली नगर निकाय में मनसे के 5 पार्षदों ने शिंदे की शिवसेना को समर्थन की पेशकश की

कल्याण डोंबिवली नगर निकाय में मनसे के 5 पार्षदों ने शिंदे की शिवसेना को समर्थन की पेशकश की

कल्याण डोंबिवली नगर निकाय में मनसे के 5 पार्षदों ने शिंदे की शिवसेना को समर्थन की पेशकश की
Modified Date: January 21, 2026 / 06:55 pm IST
Published Date: January 21, 2026 6:55 pm IST

ठाणे, 21 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के विभिन्न नगर निकायों में महापौर पदों की होड़ के बीच ठाणे में कल्याण डोंबिवली नगर निगम में एक नये राजनीतिक समीकरण ने आकार लिया है, जिसमें राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के पांच पार्षदों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को समर्थन की पेशकश की है। शिवसेना ने स्थानीय निकाय चुनाव भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ महायुति गठबंधन के रूप में लड़ा था।

शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने बुधवार को दावा किया कि मनसे उनकी पार्टी को समर्थन दे रही है।

मनसे के इस फैसले को उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) के लिए एक झटका माना जा सकता है, क्योंकि दोनों पार्टियों ने 15 जनवरी को बृहन्मुंबई महानगर पालिका(बीएमसी) चुनाव एकसाथ मिलकर लड़ा था।

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शिवसेना (उबाठा) सांसद संजय राउत ने दावा किया कि कल्याण डोंबिवली में हुए घटनाक्रम से राज ठाकरे “बेचैन” थे क्योंकि यह उनकी पार्टी का आधिकारिक निर्णय नहीं था, जबकि मनसे नेता बाला नंदगांवकर ने कहा कि नया समीकरण स्थानीय स्तर पर हुई आपसी सहमति का हिस्सा प्रतीत होता है।

कल्याण डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) के 122 सदस्यीय सदन में शिवसेना 53 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि सहयोगी भाजपा 50 सीट के साथ दूसरे स्थान पर है। मनसे की पांच पार्षदों का समर्थन मिलने के साथ, गठबंधन की कुल ताकत अब 108 हो गई है।

शिवसेना (उबाठा), कांग्रेस और राकांपा (शरद चंद्र पवार) ने क्रमशः ग्यारह, दो और एक सीट जीती है।

मुंबई और 28 अन्य नगर निकायों में महापौर पदों के लिए ‘लॉटरी’ 22 जनवरी को आयोजित की जाएगी। लॉटरी के माध्यम से यह निर्धारित किया जाएगा कि महापौर का पद किन श्रेणियों के लिए आरक्षित होगा, जैसे सामान्य, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग। श्रेणी घोषित होने के बाद, पात्र उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल करेंगे।

नवी मुंबई में मंडल आयुक्त कार्यालय के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कल्याण से शिवसेना के सांसद श्रीकांत शिंदे ने बताया कि उनकी पार्टी के 53 पार्षदों ने नगर निकाय में एक समूह बनाने के संबंध में पत्र सौंपा है।

उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, “मनसे के पांच पार्षदों ने अपना अलग गुट बनाया है, शिवसेना को समर्थन देने की घोषणा की है। लेकिन यह समर्थन सिर्फ शिवसेना और मनसे के बीच है, किसी अन्य पार्टी के साथ नहीं।”

जब उनसे पूछा गया कि शिवसेना को किसी दूसरी पार्टी के समर्थन की जरूरत क्यों है, जबकि उसने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, तो उन्होंने कहा कि महापौर महायुति गठबंधन से ही होगा।

उन्होंने कहा, “जो भी पार्टी शिवसेना का समर्थन करती है, उसका स्वागत है।” उन्होंने यह कहा कि मनसे ने स्थिरता और विकास के लिए पार्टी का समर्थन किया है।

शिंदे ने कहा, “मनसे का मानना हो सकता है कि विकास के लिए हम सभी को साथ रहना चाहिए। इसलिए उन्होंने महायुति का समर्थन किया है। (स्थानीय मनसे नेता और पूर्व विधायक) राजू पाटिल मेरे दोस्त हैं।”

उनके अनुसार, शिवसेना (उबाठा) के पार्षद भी महायुति का समर्थन कर सकते हैं, जो भी विकास के लिए समर्थन देगा, उसे साथ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अच्छे काम के लिए कोई भी समर्थन कर सकता है।

लोकसभा सदस्य ने कहा, “यदि सभी मिलकर सत्ता में आ जाएं, तो विकास में कोई बाधा नहीं आएगी। स्थिरता बनी रहेगी। सब कुछ सुचारू रूप से चलेगा।”

उन्होंने बताया कि अब तक महापौर, उप महापौर या किसी भी नगर समिति के अध्यक्ष पद को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।

उन्होंने कहा, “इन फैसलों का अधिकार एकनाथ शिंदे और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के पास है। दोनों आज इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मिल सकते हैं। सभी पदों से जुड़ी प्रक्रियाएं उसी बैठक में तय की जाएंगी।”

उन्होंने कहा कि केडीएमसी में शिवसेना, भाजपा और मनसे मिलकर महायुति के उम्मीदवार को महापौर बनाएंगे, जबकि पास के उल्हासनगर नगर निगम (यूएमसी) में शिवसेना, भाजपा, वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए), सेक्युलर एलायंस ऑफ इंडिया (एसएआई) और निर्दलीय मिलकर महापौर का चुनाव करेंगे।

मुंबई में शिवसेना को मेयर पद मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो कोई भी खुश होगा।

शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने कहा कि उन्होंने कल्याण डोंबिवली नगर निकाय में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में राज ठाकरे से बात की।

राज्यसभा सदस्य ने दावा किया, “राज ठाकरे इस घटनाक्रम से बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने यह फैसला लिया है और यह मनसे पार्टी का फैसला नहीं है।”

मनसे के पूर्व विधायक बाला नंदगांवकर ने कहा कि यह घटनाक्रम स्थानीय स्तर पर एक स्थानीय मनसे नेता द्वारा शुरू की गई आपसी सहमति का परिणाम प्रतीत होता है।

भाषा प्रशांत माधव

माधव


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