मुंबई, छह अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मुरबाद के पास एक गांव में सोमवार को वन विभाग द्वारा चलाए गए 15 घंटे के अभियान के बाद एक सूखे गड्ढे से छह फुट लंबे मगरमच्छ को बचाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
पिछले कुछ महीनों में इस सरीसृप को इलाके की प्राचीन झील मसले तलाव और उसके आसपास कई बार देखा गया था। इसकी मौजूदगी से निवासियों में दहशत फैल गई थी, क्योंकि गांव में पहले कभी मगरमच्छ नहीं देखे गए थे।
जैसे-जैसे झील में पानी का स्तर कम होता गया, मगरमच्छ बाहर निकलने लगा और अक्सर स्थानीय लोगों द्वारा पानी के स्रोत के रूप में इस्तेमाल किए जाने वाले गड्ढे में घुसने लगा, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष का खतरा बढ़ गया।
निवासियों और जानवर दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, वन कर्मचारियों और ग्रामीणों को शामिल करते हुए एक बचाव योजना लागू की गई।
अधिकारियों ने बताया कि ‘रेस्किंक एसोसिएशन फॉर वाइल्डलाइफ वेलफेयर’ (आरएडब्ल्यूडब्ल्यू) के सदस्य भी इस अभियान में शामिल थे।
बचाव दल ने गड्ढे से पानी निकाला और मगरमच्छ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया। विशालकाय मगरमच्छ को काबू में करने के लिए एक बड़े जाल का इस्तेमाल किया गया।
अब मुंबई में पशु चिकित्सकों द्वारा मगरमच्छ की चिकित्सीय जांच की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद, वन विभाग संबंधित गैर-लाभकारी संगठनों की सहायता से इसे उपयुक्त प्राकृतिक आवास में छोड़ने का निर्णय लेगा।
भाषा
राखी दिलीप
दिलीप