मुंबई, 29 मई (भाषा) केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भारतीय स्टेट बैंक और अन्य ऋणदाताओं द्वारा रिलायंस एडीए समूह की एक कंपनी को स्वीकृत ऋणों के कथित दुरुपयोग से संबंधित मामले में शुक्रवार को यहां एक विशेष अदालत में 16 लोगों के खिलाफ अपना पहला आरोप पत्र दायर किया।
आरोपपत्र में 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारी तथा भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और पूर्ववर्ती सिंडिकेट बैंक के 10 अधिकारी शामिल हैं।
सीबीआई की एक विज्ञप्ति के अनुसार, आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक गबन तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार के आरोप लगाए गए हैं।
आरोपपत्र में एसबीआई द्वारा मंजूर 1,200 करोड़ रुपये के टर्म लोन, बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा मंजूर 500 करोड़ रुपये की ‘लैटर ऑफ क्रेडिट’ सुविधा और सिंडिकेट बैंक द्वारा मंजूर 350 करोड़ रुपये की ‘लैटर ऑफ क्रेडिट’ सुविधा के कथित दुरुपयोग का उल्लेख किया गया है।
सीबीआई ने कहा कि बैंकों के समूह द्वारा मंजूर अन्य कर्जों तथा सार्वजनिक धन के कथित गबन में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी रहेगी।
एजेंसी ने कहा कि उसने अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के खिलाफ एसबीआई की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। शिकायत में बैंक को 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।
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राखी वैभव
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