धार्मिक उत्पीड़न की आरोपी ने गर्भावस्था का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत का अनुरोध किया

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धार्मिक उत्पीड़न की आरोपी ने गर्भावस्था का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत का अनुरोध किया

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  • Publish Date - April 18, 2026 / 08:08 PM IST,
    Updated On - April 18, 2026 / 08:08 PM IST

नासिक, 18 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में कुछ महिला सहकर्मियों के कथित धर्म परिवर्तन और यौन उत्पीड़न से संबंधित मामले में आरोपी एक महिला कर्मचारी ने शनिवार को अपनी दो महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत याचिका दायर की।

आरोपी की पहचान निदा खान के रूप में हुई है और उसने कहा कि उस पर लगाए गए आरोपों के लिए सात साल से कम की सजा का प्रावधान है।

निदा खान की याचिका पर नासिक सत्र न्यायालय में सोमवार को सुनवाई होगी। निदा के वकील ने उनके खिलाफ लगे आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनकी मुवक्किल पर अन्य महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप नहीं लगाया जा सकता।

नासिक पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने बताया था कि निदा खान पर आईटी फर्म के कार्यालय में धार्मिक उत्पीड़न की केवल एक शिकायत दर्ज है।

टीसीएस ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि निदा खान कुछ रिपोर्टों में बताए गए अनुसार मानव संसाधन प्रबंधक नहीं बल्कि एक सहयोगी है और उसने कभी कोई नेतृत्व वाली भूमिका नहीं निभाई है।

एक अधिकारी ने बताया कि नासिक पुलिस की अपराध शाखा की एक टीम निदा खान का पता लगाने के लिए ठाणे जिले के मुंब्रा में तैनात है और शुक्रवार को उनके पति से पूछताछ की गयी।

पुलिस ने बताया कि निदा खान के पति से उसके घर पर ही उसकी पत्नी के बारे में पूछताछ की गई।

पुलिस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया था, “जांच दल मुंब्रा में विशिष्ट सुरागों का पीछा कर रहा है। हमें जानकारी मिली है कि आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना ठिकाना बदल लिया है।”

एक अन्य अधिकारी के अनुसार, निदा के पति ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी एक रिश्तेदार के घर गई है।

हालांकि, जब पुलिस दल रिश्तेदार के घर पहुंचा, तो वह ताला लगा था।

उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी और उसके रिश्तेदार के मोबाइल फोन भी बंद थे।

पुलिस ने अब तक टीसीएस के आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें सात पुरुष और एक महिला प्रबंधक शामि है।

भाषा जितेंद्र रंजन

रंजन