माथाडी कानून के दुरुपयोग पर कार्रवाई होगी, नवी मुंबई एपीएमसी का पुनर्विकास किया जाएगा: फडणवीस
माथाडी कानून के दुरुपयोग पर कार्रवाई होगी, नवी मुंबई एपीएमसी का पुनर्विकास किया जाएगा: फडणवीस
ठाणे, 25 सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा कि माथाडी (सिर पर बोझ ढोने वाले मजदूर) कानून का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और नवी मुंबई स्थित करीब 50 साल पुराने कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) बाजार का पुनर्विकास किया जाएगा।
फडणवीस ने पत्रकारों से कहा कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए माथाडी नेताओं से विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि माथाडी कामगार अधिनियम ने संगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सम्मान दिलाया है।
फडणवीस माथाडी आंदोलन के संस्थापक एवं दिवंगत विधायक अन्नासाहेब पाटिल की 93वीं जयंती के अवसर पर वाशी स्थित कृषि उपज बाजार समिति (एपीएमसी) बाजार परिसर में आयोजित एक रैली में शामिल हुए।
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों ने इस कानून का इस्तेमाल अपनी जेब भरने के लिए किया है। ऐसे लोगों के खिलाफ माथाडी नेताओं से विचार-विमर्श के बाद कार्रवाई की जाएगी।’’
फडणवीस ने कहा कि सरकार माथाडी कामगारों को आवास उपलब्ध कराने और उनके कल्याण के लिए विभिन्न फैसले लेने समेत उनसे जुड़े सभी मुद्दों के समाधान के प्रति गंभीर है।
उन्होंने कहा कि वडाला में श्रमिकों के लिए 2,850 मकान बनाने की परियोजना पर काम जारी है और इसके लिए आवश्यक ‘फ्लोर स्पेस इंडेक्स’ (एफएसआई यानी भूखंड पर अनुमत कुल निर्माण क्षेत्र का अनुपात) तथा नियामकीय मंजूरियां मिल चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार वाशी स्थित करीब 50 साल पुराने एपीएमसी बाजार का भी पुनर्विकास करेगी।
फडणवीस ने माल ढोने वाले श्रमिकों पर शारीरिक दबाव कम करने के लिए प्रति बोरी अधिकतम 50 किलोग्राम वजन की अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की सीमा को सख्ती से लागू करने पर श्रम विभाग और विपणन मंत्रालय की सराहना की।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि महाराष्ट्र के सभी 36 माथाडी बोर्ड को अधिक अधिकार दिए जाएंगे और उनका पुनर्गठन किया जाएगा तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र पैनल के माध्यम से ऑडिट की व्यवस्था भी शुरू की जाएगी।
फडणवीस ने कहा कि मजदूरी, भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी, बोनस, मकान किराया और दुर्घटना मुआवजे से जुड़े लंबित मामलों का जल्द समाधान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सूखा प्रभावित इलाकों में पेयजल और चारे की कमी समेत विभिन्न समस्याओं से निपटने के लिए कदम उठा रही है और इन उपायों का विवरण देने वाला शासकीय आदेश शुक्रवार को ही जारी किए जाने की संभावना है।
उन्होंने कहा, ‘‘सूखे जैसी स्थिति गंभीर है। किसानों को अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद कम है। पेयजल और चारे से जुड़ी समस्याएं पैदा हुई हैं। हम जरूरी इंतजाम कर रहे हैं। इस संबंध में शासनादेश संभवत: आज ही जारी किया जाएगा और उसके जरिए सूखे से निपटने के उपायों को आगे बढ़ाया जाएगा।’’
भाषा
सिम्मी मनीषा
मनीषा

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