Ajit Pawar Today News: उप-मुख्यमंत्री के अलावा वित्तमंत्री भी थे अजित पवार.. निधन के बाद अब कौन पेश करेगा प्रदेश का आम बजट?..

अजित पवार के निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि अब वित्तीय वर्ष 2026-27 का राज्य बजट आखिर कौन पेश करेगा। बजट सत्र नजदीक है और ऐसे समय में वित्त मंत्री का न होना सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

Ajit Pawar Today News: उप-मुख्यमंत्री के अलावा वित्तमंत्री भी थे अजित पवार.. निधन के बाद अब कौन पेश करेगा प्रदेश का आम बजट?..

Ajit Pawar Today News || Image- The Hawk FILE

Modified Date: January 30, 2026 / 01:28 pm IST
Published Date: January 30, 2026 1:28 pm IST
HIGHLIGHTS
  • उप-मुख्यमंत्री अजित पवार का निधन
  • महाराष्ट्र के वित्तमंत्री भी थे अजित पवार
  • प्रदेश के सीएम कर सकते है बजट पेश

मुंबई: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री रहे अजित पवार का बुधवार को एक विमान हादसे में निधन हो गया। उनके साथ चार और लोग, जो विमान में सवार थे उनकी भी मौत हो गई। उप मुख्यमंत्री के निधन की खबर जैसे ही आम हुई, समूचे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। (Ajit Pawar supporter dies) निधन की खबर पाकर राज्य के कई नेता और मंत्री फूट-फूटकर रोने लगे। राज्य की सरकार ने उनके निधन पर तीन दिनों का राजकीय शोक अवकाश का ऐलान किया है।

अजित पवार के निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि अब वित्तीय वर्ष 2026-27 का राज्य बजट आखिर कौन पेश करेगा। बजट सत्र नजदीक है और ऐसे समय में वित्त मंत्री का न होना सरकार के लिए बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

बजट की तैयारी लगभग पूरी थी

अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे अनुभवी वित्त मंत्रियों में गिने जाते थे। उन्होंने अब तक 11 बार राज्य का बजट पेश किया था। पार्टी और प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक 2026-27 के बजट की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं। लेकिन उनके अचानक निधन से अब इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि तैयार बजट को अब किसके जरिए सदन में रखा जाएगा।

नियम क्या कहते हैं?

राज्य सरकार के नियमों के अनुसार, अगर किसी कारण से वित्त मंत्री का पद खाली हो जाता है, तो वित्त विभाग की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से मुख्यमंत्री के पास चली जाती है। इसी नियम के तहत माना जा रहा है कि अब बजट पेश करने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस संभाल सकते हैं।

मुख्यमंत्री फडणवीस सबसे मजबूत विकल्प

मंत्रिमंडल और प्रशासन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि मौजूदा हालात में देवेंद्र फडणवीस ही ऐसे नेता हैं जिनके पास वित्तीय मामलों और शासन का लंबा अनुभव है। इससे पहले भी वे राज्य के अहम फैसलों में केंद्रीय भूमिका निभाते रहे हैं। इसलिए संभावना जताई जा रही है कि वही वित्त मंत्री का अतिरिक्त प्रभार लेकर बजट पेश करेंगे।

बजट सत्र टालना मुश्किल

जानकारों का कहना है कि विधानसभा का बजट सत्र लगभग तय समय पर ही होगा। वित्त विभाग का काम अंतिम चरण में है, ऐसे में बजट की तारीख बदलना कानूनी और वित्तीय रूप से मुश्किल माना जा रहा है। सरकार की कोशिश होगी कि तय समय पर ही बजट पेश किया जाए, ताकि प्रशासनिक और विकास कार्य प्रभावित न हों। कुल मिलाकर, अजित पवार के निधन से पैदा हुई इस स्थिति में अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि महाराष्ट्र का अगला बजट किसके हाथों से पेश होता है।

सुदाम बोडके का हार्ट अटैक से निधन

इस बीच खबर है कि, अजित पवार के एक समर्थक की सदमे से मौत हो गई है। जानकारी के मुताबिक अजित पवार के कट्टर समर्थक, 63 वर्षीय सुदाम बोडके का हार्ट अटैक से निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि सुदाम बोडके, जो नासिक के डिंडोरी तालुका के ढकांबे गांव के रहने वाले थे, अजित पवार के निधन की खबर सुनकर गहरे सदमे में थे और काफी असहज महसूस कर रहे थे।

परिवार के लोग उनकी देखभाल में जुटे हुए थे और उन्हें सदमे से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे। (Ajit Pawar supporter dies) लेकिन वह सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाएं और हृदयघात से उनका निधन हो गया।

पत्नी बनेगी उत्तराधिकारी?

अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र का डिप्टी CM बनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल, धनंजय मुंडे और सुनील तटकरे ने सुनेत्रा से मुलाकात की है। सुनेत्रा फिलहाल राज्यसभा सांसद हैं, वे अब अजित पवार की बारामती सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। इस प्रस्ताव पर एनसीपी के नेता सीएम देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात करेंगे। उधर एनसीपी पार्टी का शरद गुट से भी विलय हो सकता है।

अजित पवार का प्लेन कैसे क्रैश हुआ?

केंद्रीय एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू ने बताया कि पायलट ने बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश की थी, लेकिन रनवे साफ दिखाई नहीं दिया तो वह प्लेन को वापस ऊंचाई पर ले गया। (Ajit Pawar supporter dies) दोबारा लैंडिंग की कोशिश की गई। इस दौरान विमान रनवे से पहले ही गिर गया और उसमें आग लग गई।

विमानन कंपनी VSR वेंचर्स ने कहा है कि पायलट को 16 हजार घंटे का फ्लाइंग एक्सपीरियंस था। विमान की को-पायलट के पास 1500 घंटे का एक्सपीरियंस था। कंपनी ने दावा किया कि एयरक्राफ्ट में कोई तकनीकी खामी नहीं थी।

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