मुंबई, तीन जनवरी (भाषा) शिवसेना-उद्धव बालासाहेब ठाकरे (उबाठा) के नेता संजय राउत ने शनिवार को कहा कि अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा-शरदचंद्र पवार (शप) में विलय हो जाना चाहिए क्योंकि पुणे और पिंपरी चिंचवड महानगर पालिका चुनावों के लिए दोनों गुटों ने हाथ मिला लिया है।
राउत ने यह भी सवाल उठाया कि अजित पवार द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित पिंपरी चिंचवड महानगर पालिका में भ्रष्टाचार के आरोप लगाये जाने के एक दिन बाद भी वह महायुति सरकार में क्यों हैं।
महायुति में भाजपा, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा शामिल हैं।
राउत ने कहा कि भाजपा और अजित पवार ने एक-दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।
राउत ने पत्रकारों से कहा, “तो फिर आप सरकार में क्यों हैं? उन्हें (अजित पवार को) शरद पवार के पास वापस आ जाना चाहिए। अब जब आपने पुणे और पिंपरी चिंचवड में गठबंधन कर लिया है, तो अजित पवार को भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार छोड़ देनी चाहिए और (राकांपा को) मूल राकांपा (शप) में मिला देना चाहिए।”
वर्ष 2023 में अजित पवार कई विधायकों के साथ भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए थे, जिसे राकांपा दो गुटों में विभाजित हो गयी थी।
राउत ने कहा कि अजित पवार भाजपा द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं और पवार परिवार एक साथ चुनाव लड़ रहा है।
शिवसेना (उबाठा) नेता ने कहा, “ऐसा लगता है कि अजित पवार की दिशा बदल गई है। अगर ऐसा है, तो उन्हें भाजपा (का साथ) छोड़ देना चाहिए।”
राकांपा और राकांपा (शप) पुणे व पिंपरी चिंचवड महानगर पालिकाओं के लिए 15 जनवरी को होने वाले चुनावों में गठबंधन के तहत लड़ रहे हैं।
अजित पवार ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि पिंपरी चिंचवड महानगर पालिका पिछले नौ वर्षों से भ्रष्टाचार से ग्रस्त है और कर्ज में डूबी हुई है।
भाषा जितेंद्र रंजन
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