Kanker Dharmantaran News Today: जिस गांव में शव दफनाने को लेकर हुआ बवाल…वहां अब सनातन की लहर, एक साथ इतने परिवार के लोगों ने की घर वापसी

Kanker Dharmantaran News Today: जिस गांव में शव दफनाने को लेकर हुआ बवाल...वहां अब सनातन की लहर, एक साथ इतने परिवार के लोगों ने की घर वापसी

Kanker Dharmantaran News Today: जिस गांव में शव दफनाने को लेकर हुआ बवाल...वहां अब सनातन की लहर / Image: IBC24

HIGHLIGHTS
  • 6 परिवारों ने हिंदू धर्म में वापसी की
  • चर्च प्रमुख भी ईसाई धर्म छोड़ सनातन धर्म अपना चुके हैं
  • देवी-देवताओं की पूजा से दूर रहने के लिए भड़काया जाता था

भानुप्रतापपुर: Kanker Dharmantaran News Today कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हाल ही में शव दफनाने को लेकर हुई हिंसा के बाद ईसाई धर्म छोड़कर हिंदू धर्म में वापसी का दौर लगातार जारी है। बीते दिनों 50 से अधिक लोगों ने 20 साल बाद अपने मूल धर्म में वापसी थी। वहीं, अब खबर आ रही है कि आमाबेड़ा में फिर से 6 परिवार के लोगों ने हिंदू धर्म अपनाया है। बताया जा रहा है कि हिंदू धर्म में वापसी करने वाले उसी पंचायत में रहने वाले हैं जहां शव दफनाने को लेकर विवाद हुआ था।

6 परिवार के लोगों ने हिंदू धर्म अपनाया

Kanker Dharmantaran News Today मिली जानकारी के अनुसार मामला बड़ेतेवड़ा के आश्रित ग्राम सोड़ेपारा का है, जहां 6 परिवार के सदस्यों ने हिंदू धर्म में वापसी की है। परिवार के सभी सदस्यों ने ग्राम पटेल के सामने शीतला मंदिर में घर-वापसी की है। बता दें कि बड़ेतेवड़ा में हुई घटना के बाद इलाके चर्च प्रमुख भी सनतान धर्म में वापसी कर चुके हैं।

धर्मांतरण का आधिकारिक दस्तावेज नहीं

वहीं, बीत घर वापसी करने वालों ने बताया था कि धर्मांतरण के लिए किसी प्रकार का आधिकारिक दस्तावेज नहीं होता। घर वापसी करने वाले लोगों ने दावा किया कि ईसाई मिशनरी उन्हें हिंदुओं के खिलाफ भड़काती थी और देवी-देवताओं की पूजा न करने की नसीहत दी जाती थी। उन्होंने कहा कि वर्षों तक उन्हें अपनी परंपराओं और आस्थाओं से दूर रखा गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हिंसा और धार्मिक मतभेदों के चलते परिवारों ने अपनी जड़ों की ओर लौटने का फैसला किया।

ये भी पढ़ें

 

आमाबेड़ा के सोड़ेपारा में हाल ही में क्या हुआ है?

यहाँ के 6 परिवारों ने ईसाई धर्म छोड़कर वापस हिंदू धर्म अपना लिया है। यह कार्यक्रम स्थानीय शीतला मंदिर में आयोजित किया गया था।

इन परिवारों ने धर्म वापसी के पीछे क्या कारण बताया है?

वापसी करने वाले लोगों का दावा है कि उन्हें ईसाई मिशनरियों द्वारा अपनी पुरानी परंपराओं और देवी-देवताओं से दूर रहने के लिए उकसाया जाता था, जिससे वे असहज महसूस कर रहे थे।

क्या ईसाई धर्म अपनाने के लिए कोई आधिकारिक दस्तावेज होते हैं?

घर वापसी करने वाले सदस्यों के अनुसार, धर्मांतरण की प्रक्रिया में अक्सर किसी ठोस आधिकारिक दस्तावेज का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए वे बिना किसी कागजी अड़चन के वापस अपने धर्म में लौट आए।

इस क्षेत्र में विवाद की मुख्य जड़ क्या थी?

हाल ही में आमाबेड़ा में शव दफनाने के स्थान को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसा हुई थी, जिसके बाद से ही ग्रामीण अपने मूल धर्म और सामाजिक एकता की ओर रुख कर रहे हैं।

क्या इस घर वापसी में कोई प्रभावशाली व्यक्ति भी शामिल था?

हाँ, इससे पहले इसी क्षेत्र के एक प्रमुख चर्च लीडर (चर्च प्रमुख) ने भी ईसाई धर्म त्याग कर सनातन धर्म में वापसी की थी, जिससे स्थानीय लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा।