बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार अमिताभ झुनझुनवाला को मुंबई की आर्थर रोड जेल भेजा

बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार अमिताभ झुनझुनवाला को मुंबई की आर्थर रोड जेल भेजा

बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार अमिताभ झुनझुनवाला को मुंबई की आर्थर रोड जेल भेजा
Modified Date: June 2, 2026 / 12:21 pm IST
Published Date: June 2, 2026 12:21 pm IST

मुंबई, दो जून (भाषा) करोड़ों रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा गिरफ्तार ‘रिलायंस कम्युनिकेशंस समूह’ (आरकॉम) के पूर्व प्रबंध निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला को मुंबई की आर्थर रोड जेल में रखा गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, मुंबई की एक अदालत ने सोमवार को सीबीआई को झुनझुनवाला को गिरफ्तार करने की अनुमति दे दी। इससे पहले वह धनशोधन मामले में नयी दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय की न्यायिक हिरासत में थे।

अदालत ने देर शाम सुनवाई होने और आरोपी को दिल्ली की तिहाड़ जेल से मुंबई लाए जाने के मद्देनजर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया। उनकी पुलिस हिरासत संबंधी सीबीआई की याचिका पर बाद में सुनवाई निर्धारित की गई।

झुनझुनवाला, अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले ‘रिलायंस कम्युनिकेशंस समूह’ में प्रबंध निदेशक के रूप में कॉरपोरेट वित्त, बैंकिंग और धन के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को संभालते थे।

सीबीआई का दावा है कि झुनझुनवाला के कहने पर बैंकों से प्राप्त ऋण राशि का प्रबंधन और उपयोग ‘रिलायंस कम्युनिकेशंस समूह’ के अन्य अधिकारियों द्वारा किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, ऋण राशि के कथित दुरुपयोग के कारण बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

पिछले सप्ताह सीबीआई ने इस मामले में 16 व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। हालांकि, झुनझुनवाला का नाम इस आरोपपत्र में शामिल नहीं है, लेकिन उनके खिलाफ जांच जारी है।

आरोपपत्र में नामजद आरोपियों में ‘रिलायंस कम्युनिकेशंस’, कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारी और 10 बैंक अधिकारी शामिल हैं।

सीबीआई के अनुसार, आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और आपराधिक गबन के अभियोग तय किए गए हैं। इसके अलावा उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार का भी आरोप है।

जांच एजेंसी ने कहा कि आरोपपत्र में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा स्वीकृत 1,200 करोड़ रुपये के सावधि ऋण (टर्म लोन), बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा स्वीकृत 500 करोड़ रुपये की ‘लेटर ऑफ क्रेडिट’ सुविधा तथा सिंडिकेट बैंक द्वारा स्वीकृत 350 करोड़ रुपये की ‘लेटर ऑफ क्रेडिट’ सुविधा के कथित दुरुपयोग का उल्लेख किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और सीबीआई इस कथित बैंक ऋण घोटाले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

भाषा

खारी रंजन

रंजन


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