नागपुर, आठ मार्च (भाषा) महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने सऊदी अरब के मक्का में हिरासत में लिए गए नागपुर के एक डॉक्टर और एक व्यवसायी को दूतावास से सहायता मुहैया कराए जाने की अपील की है।
ये दोनों लोग उमरा के लिए मक्का गए थे।
महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने सऊदी अरब में भारतीय दूतावास के प्रमुख को शनिवार को पत्र लिखा।
इससे पहले, दोनों के परिवारों ने आयोग को लिखे अपने पत्र में दावा किया कि उन्हें दलाली गतिविधियों में लिप्त होने के झूठे आरोप में हिरासत में लिया गया है।
आयोग के अध्यक्ष ने पत्र में कहा, ‘‘नागपुर के अब्दुल असीम खान और डॉ. यह्या हुनानी के परिवारों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों तीन मार्च को जेद्दा पहुंचे और उमरा के लिए मक्का गए। मस्जिद अल-हरम में चार मार्च को नमाज अदा करते समय सादे कपड़ों में आए कुछ लोगों ने कथित तौर पर उनसे संपर्क किया और बाद में अरबी में हुई बातचीत के दौरान गलतफहमी के कारण उन्हें हिरासत में ले लिया गया जबकि वे अरबी नहीं समझते।’’
पत्र में कहा गया कि यह सूचना मिली है कि दोनों व्यक्ति फिलहाल अल शुमैसी हिरासत केंद्र में हैं और उनके निर्वासन की कार्यवाही संभवत: शुरू की गई है।
पत्र में कहा गया, ‘‘दोनों भारतीय नागरिकों को जिन परिस्थतियों में हिरासत में लिया गया और जिस प्रकार के आरोप उन पर लगाए गए, उन्हें लेकर उनके परिवारों ने गंभीर चिंता जताई है। महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने दूतावास से अनुरोध किया है कि उन्हें तत्काल दूतावासीय सहायता दी जाए, उनकी स्थिति और कुशलक्षेम का पता लगाने तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि उचित प्रक्रिया का पालन किया जाए और उन्हें निष्पक्ष प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाए।
भाषा सिम्मी सुरभि
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