अनिल अंबानी के खातों को ‘धोखाधड़ी’ वाला घोषित करने की कार्यवाही पर रोक के खिलाफ बैंकों की अपील

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अनिल अंबानी के खातों को ‘धोखाधड़ी’ वाला घोषित करने की कार्यवाही पर रोक के खिलाफ बैंकों की अपील

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  • Publish Date - January 12, 2026 / 09:36 PM IST,
    Updated On - January 12, 2026 / 09:36 PM IST

मुंबई, 12 जनवरी (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंकों ने सोमवार को उद्योगपति अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के बैंक खातों को ‘धोखाधड़ी’ वाले खाते के रूप में वर्गीकृत करने के लिए शुरू की गई कार्यवाही पर रोक के खिलाफ अपील दायर की है।

बैंकों ने बंबई उच्च न्यायालय की एकल पीठ द्वारा दिसंबर, 2025 में दिए गए उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें आरबीआई के अनिवार्य नियमों के उल्लंघन का हवाला देकर अंबानी और उनकी कंपनी को अंतरिम राहत दी गई थी।

एकल पीठ के आदेश ने इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा की जाने वाली सभी वर्तमान और भविष्य की कार्रवाइयों पर रोक लगा दी थी। आदेश में कहा गया कि यह देखते हुए कि निर्णय लिया गया कि कार्रवाई कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण फोरेंसिक ऑडिट पर आधारित थी और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनिवार्य दिशानिर्देशों का उल्लंघन करती थी।

मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष सोमवार को सुनवाई के लिए आई अपनी अपील में तीनों बैंकों ने कहा कि फोरेंसिक ऑडिट, जिसके आधार पर खातों को ‘धोखाधड़ी’ वाले खातों के रूप में वर्गीकृत किया गया था, कानूनी रूप से वैध था और धन की हेराफेरी और दुरुपयोग के गंभीर निष्कर्षों पर आधारित था।

बैंकों ने कहा कि यह ऑडिट करने वाली कंपनी बीडीओ एलएलपी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में दर्ज है। बैंकों ने अपनी याचिका में कहा कि अंबानी ने एकल पीठ के समक्ष फोरेंसिक ऑडिट को लेकर तकनीकी चुनौती पेश की थी।

बैंकों ने खंडपीठ से एकल पीठ के अंतरिम आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया। उच्च न्यायालय ने सोमवार को संक्षिप्त दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई 14 जनवरी को तय की।

एकल पीठ के समक्ष, अंबानी ने इंडियन ओवरसीज बैंक, आईडीबीआई और बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस को चुनौती दी थी, जिसमें उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस के खातों को ‘धोखाधड़ी’ वाले खाते घोषित करने का अनुरोध किया गया था।

भाषा संतोष अविनाश

अविनाश