ठाणे, 10 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बदलापुर में एक स्कूल में यौन उत्पीड़न से संबंधित मामले में सह-आरोपी तुषार आप्टे को ठाणे जिले की कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद में मनोनीत पार्षद नियुक्त किया है।
नगर परिषद की अध्यक्ष रुचिता घोरपड़े ने उनकी नियुक्ति की पुष्टि की। शुक्रवार को नगर परिषद में पांच मनोनीत पार्षदों के चयन की प्रक्रिया पूरी हुई। इनमें से दो भाजपा, दो शिवसेना और एक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की ओर से मनोनीत किए गए।
आप्टे के अलावा जिन लोगों को पार्षद बनाया गया, उनमें शगुफा गोरे (भाजपा), प्रभाकर पाटिल (राकांपा), और दिलीप बैकर व हेमंत चतुरे (शिवसेना) शामिल हैं।
कथित यौन उत्पीड़न की घटना के समय आप्टे स्कूल का सचिव था। आप्टे पर आरोप है कि उन्होंने इस अपराध की सूचना नहीं दी। बच्चियों के यौन शोषण के मामले में शिकायत दर्ज न करने पर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ बाल यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा 21(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
घटना के 44 दिन बाद आप्टे को गिरफ्तार किया गया और 48 घंटे में उन्हें जमानत मिल गई। मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।
भाजपा पार्षद राजन घोरपड़े ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि आप्टे एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और एक प्रतिष्ठित शिक्षण संस्था से जुड़े रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हालांकि उनका नाम आरोपी के रूप में आया था लेकिन अब तक उनका दोष सिद्ध नहीं हुआ है। मुख्य आरोपी को सजा मिल चुकी है। आप्टे ने पार्टी के लिए अच्छा काम किया और उम्मीदवार की जीत में योगदान दिया इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई।”
स्कूल परिसर में अक्षय शिंदे नामक युवक ने दो नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण किया था, जिसके बाद अभिभावकों और आम लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला था।
मुख्य आरोपी अक्षय शिंदे (24) को अगस्त 2024 में गिरफ्तार किया गया था। उस पर बदलापुर के एक स्कूल के शौचालय में दो नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न का आरोप था।
23 सितंबर को उसे नवी मुंबई की तलोजा जेल से पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा था, तभी कथित तौर पर पुलिस मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।
पुलिस का कहना है कि उसने वैन में एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनकर गोली चला दी, जिसके जवाब में हुई गोलीबारी में वह मारा गया। उसे उसकी पत्नी द्वारा दर्ज कराए गए एक अन्य मामले में पूछताछ के लिए ले जाया जा रहा था।
भाषा जोहेब गोला
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