कांग्रेस शासित राज्यों में आदिवासी छात्रावासों की जांच पहले करें : भाजपा का राहुल गांधी से आग्रह

कांग्रेस शासित राज्यों में आदिवासी छात्रावासों की जांच पहले करें : भाजपा का राहुल गांधी से आग्रह

कांग्रेस शासित राज्यों में आदिवासी छात्रावासों की जांच पहले करें : भाजपा का राहुल गांधी से आग्रह
Modified Date: August 25, 2026 / 12:03 pm IST
Published Date: August 25, 2026 12:03 pm IST

मुंबई, 25 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पहले कांग्रेस शासित तेलंगाना और कर्नाटक में आदिवासी कल्याण विभागों तथा छात्रावासों की स्थिति की जांच करनी चाहिए।

सत्तारूढ़ दल ने गांधी पर ‘‘पहले गलत काम करने और फिर कार्रवाई होने पर शोर मचाने’’ की प्रवृत्ति अपनाने का आरोप लगाया तथा कहा कि महाराष्ट्र सरकार आदिवासी समुदाय और छात्रों की सुरक्षा करने में सक्षम है।

भाजपा ने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र के कुछ आदिवासी विद्यालय, जिनके खिलाफ छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं, कांग्रेस नेताओं द्वारा संचालित हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी उन्हें बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

गांधी ने सोमवार को मुख्यमंत्री फडणवीस से महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों की समस्याओं पर गौर करने का आग्रह किया था। ये छात्र राज्य संचालित छात्रावासों में 30 वर्ष की आयु सीमा और कथित ‘‘अपमानजनक नियमों’’ के विरोध में पिछले 10 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।

फडणवीस को लिखे पत्र में गांधी ने उनसे प्रदर्शनकारी आदिवासी छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने का आग्रह किया। उन्होंने सरकारी छात्रावासों में रहने के लिए 30 वर्ष की आयु सीमा लागू करने जैसी कथित कठोर शर्तों में ढील देने की भी मांग की।

इसके जवाब में महाराष्ट्र भाजपा ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि गांधी को पहले तेलंगाना और कर्नाटक में आदिवासी कल्याण विभागों तथा छात्रावासों के कामकाज पर गौर करना चाहिए, जहां उनकी पार्टी सत्ता में है।

भाजपा ने कहा, ‘‘राहुल गांधी, हमें आपसे निष्पक्ष या अच्छी तरह शोध करने के बाद व्यक्त किए जाने वाले विचारों की उम्मीद नहीं है, लेकिन जनता को कुछ तथ्य जानने चाहिए।’’

पार्टी ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में जिन आदिवासी विद्यालयों के खिलाफ छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं, उनका संचालन कांग्रेस नेताओं द्वारा किया जाता है।

भाजपा ने दावा किया कि कुछ दिन पहले एक विद्यालय में तीन किशोरियों की मौत हो गई थी और उसके निदेशक मारोतराव कोवासे पूर्व कांग्रेस सांसद हैं। पार्टी ने कहा कि उनके बेटे विश्वजीत कोवासे गढ़चिरौली जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष और विद्यालय के सचिव हैं।

भाजपा ने यवतमाल के एक आश्रम विद्यालय में हुए निरीक्षण का भी जिक्र किया, जहां लड़कियों के शौचालयों में कथित तौर पर दरवाजे नहीं थे। पार्टी ने दावा किया कि इस विद्यालय का संचालन पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता वसंत पुरके करते हैं।

भाजपा ने आरोप लगाया कि ‘‘जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उसने इन विद्यालयों को गलत तरीके से अपने नियंत्रण में लिया और उनका दुरुपयोग किया।’’

सत्तारूढ़ दल ने विपक्षी पार्टी के नेताओं पर आदिवासी समुदायों का शोषण करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई रोकने के प्रयास सफल नहीं होंगे।

इससे पहले गांधी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि पुणे में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने बताया कि छात्रावासों में अनावश्यक रूप से 30 वर्ष की आयु सीमा लागू की जा रही है तथा ‘‘अपमानजनक नियम, असुरक्षित सुविधाएं और महिलाओं की गर्भावस्था की जांच जैसे अमानवीय प्रावधान’’ मौजूद हैं।

गांधी ने छात्रों द्वारा दिए गए ज्ञापन और मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र को साझा करते हुए कहा था, ‘‘दूरदराज के गांवों और कस्बों से आने वाले ये छात्र किसी खैरात की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने जायज अधिकारों की मांग कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा था कि फडणवीस से उम्मीद है कि वह छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मिलेंगे और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करेंगे।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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